मुजफ्फरपुर : प्रदेश के सभी थानों से कबाड़ गाड़ियों को हटाने के लिए सीएम नीतीश कुमार ने सात माह पूर्व डीजीपी को आदेश दिया था, लेकिन इसकी अवहेलना कर थानों से अभी तक कबाड़ गाड़ियों को नहीं हटाया जा सका है।
यदि बात मुजफ्फरपुर शहर की करें तो शहर के छाता चौक स्थित जयप्रकाश नारायण पार्क से सटे काजीमोहम्मदपुर थाना परिसर व बाहर में खड़ी सड़ रही कबाड़ गाड़ियों को कई माह बीत जाने के बाद भी नहीं हटाया गया है। यह सीधे-सीधे सीएम के आदेशों की अवहेलना है।
बता दें कि वार्ड-27 निवासी महेश प्रसाद सिन्हा द्वारा इस बारे में सीएम नीतीश कुमार को मेल द्वारा बिहार के 13 सौ थाने में कबाड़ गाड़ियों को हटाने को लेकर ई-मेल द्वारा अनुरोध किया गया था। इस पर सीएम नीतीश कुमार द्वारा 14 मार्च 2022 को संज्ञान लेते हुए डीजीपी को आदेश जारी किया था कि सभी थानों से रद्दी गाड़ियों को हटाया जाए।
सड़क पर कबाड़ गाड़ियां इकट्ठा होने से यातायात बाधित हो रही है। लेकिन सात माह बीत जाने के बाद भी इस पर कोई कार्रवाई नहीं की गई है। यह दर्शाता है कि सीएम के आदेश का कोई मायने नहीं है। इस तरह से थाना परिसर व उसके आसपास कबाड़ गाड़ियों के जमावड़े से थानों की सुंदरता पर भी ग्रहण लगा रहा है। वहीं सड़क भी संकरी हो गई है।
वहीं दूसरी ओर शहर को स्वच्छ व साफ-सुथरा रखने पर मुजफ्फरपुर नगर निगम हर माह लाखों खर्च कर रही है, लेकिन सफाई व्यवस्था लचर है। शहर के छाता चौक स्थित जयप्रकाश नारायण पार्क के आसपास कचरा का सही से उठान नहीं होता है। गंदगी व बदबू से आसपास के लोग परेशान है।
बता दें कि जयप्रकाश नारायण की 11 अक्टूबर को जयंती है। मगर पार्क के आसपास ठीक से सफाई तक नहीं हुई है। अब सवाल उठता है कि क्या अतिक्रमण केवल आम जनता के लिए है या प्रशासन अतिक्रमण खुद ही कर रही है।
न तो शहर में सफाई व्यवस्था दुरूस्त हो रही है न ही थानों से कबाड़ गाड़ियों को हटाया जा रहा है। ऐसे में जिला प्रशासन व निगम प्रशासन दोनों बराबर के दोषी है।
वहीं वार्ड-27 के निवर्तमान वार्ड पार्षद अजय ओझा ने बताया कि जयप्रकाश जयंती होने वाला है। छाता चौक पर पार्क होने के साथ बगल में काजीमोहम्मपुर थाना भी है। यहां पर बार-बार सफाई का अभियान भी चलाते है। लेकिन थाना होने के कारण जब्त अनगिनत गाड़ियों के कारण राह चलते पब्लिक को परेशानी होती है।
थाना में जगह का अभाव होने से जब्त गाड़ियां बाहर लग जाती है। उन्होंने बताया कि थाना परिसर का एरिया छोटा है। काजीमोहम्मदपुर थाना ही नहीं पूरे बिहार के थाने की कमोबेश यही स्थिति है। जिला प्रशासन के बहुत से अधिकारी है जिनका आवास बिगहा में है।
यदि वहां पर दो-तीन कट्ठा का एरिया लेकर जब्त कंडम गाड़ियों का वहां पर स्थान निर्धारित किया जाता है तो थानों को स्वच्छ बनाने में मदद मिलेगी। उन्होंने जिला प्रशासन से इन जब्त गाड़ियों को खड़ी करने के लिए स्थान निर्धारित करने की मांग की ताकि थाना के ईद-गिर्द स्वच्छता रखने में सहयोग मिल सके।





