बिहार में मानसून अपनी वापसी के पूर्व काफी सक्रिय हो गया है। बीते दो दिनों से राजधानी समेत प्रदेश के अलग-अलग जिलों में हुई वर्षा के कारण पारे में आंशिक गिरावट मंगलवार को दर्ज की गई।
मौसम विज्ञान केंद्र पटना के अनुसार प्रदेश में अगले 24 घंटों के दौरान राजधानी समेत प्रदेश के सभी जिलों में मेघ गर्जन के साथ हल्के से मध्यम दर्जे की वर्षा का पूर्वानुमान है।
बिहार के तीन जिलों रोहतास, औरंगाबाद और गया में भारी वर्षा की चेतावनी है। इन मौसमी प्रभावों को देखते हुए मौसम विज्ञान केंद्र की ओर से अलर्ट जारी किया गया है।
मौसम विज्ञान केंद्र के निदेशक विवेक सिन्हा की मानें तो 15 अक्टूबर के बाद मानसून वापसी का संकेत मिल रहा है। वहीं इस दौरान प्रदेश के अलग-अलग स्थानों पर हल्के से मध्यम दर्जे की वर्षा की गतिविधियां बने रहने के आसार है।
बिहार में पछुआ हवा का प्रवाह 10-12 किमी प्रतिघंटा बना है। एक चक्रवाती परिसंचरण का क्षेत्र पंजाब व उसके आसपास हरियाणा में स्थित है।
वहीं ट्रफ रेखा केरल में बने चक्रवाती परिसंचरण का क्षेत्र होते हुए दक्षिण पश्चिम मध्यप्रदेश से होकर गुजर रही है। इनके प्रभाव से प्रदेश में वर्षा की गतिविधियां बने रहने के आसार है। मंगलवार को राजधानी में 9.8 मिमी वर्षा दर्ज की गई।
वहीं वैशाली के महुआ में 85.2 मिमी, गरौल में 53.6, संदेश में 50.2, सरैया में 45.0, पूसा में 40.8, श्रीपालपुर में 40.2, अरवल में 39.2 एवं रजौली में 39.2 मिमी वर्षा दर्ज की गई। प्रदेश के कटिहार जिले का सर्वाधिक अधिकतम तापमान 34.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया वहीं राजधानी के अधिकतम तापमान सामान्य से दो डिग्री नीचे आने के साथ 30.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

