शेरशाह कॉलेज के पूर्व प्रिंसिपल गिरफ्तार! वेतन भुगतान के लिए कर्मियों से अ’वैध वसूली का आ’रोप

बिहार: बिहार में उच्च शिक्षा में व्याप्त भ्रष्टाचार कोई नया मामला नहीं है. ताजा मामला रोहतास जिला से जुड़ा हुआ है जहां अपने ही सहकर्मियों से वेतन भुगतान के एवज में 10% कमीशन मांगने के अलावा अन्य अवैध वसूली के आरोप में एक कॉलेज के प्रोफेसर को गिरफ्तार किया गया है.

कॉलेज के कर्मियों से वेतन भुगतान के नाम पर 10 प्रतिशत रिश्वत मांगने के आरोप (News 18)आरोप है कि जब शेरशाह महाविद्यालय के प्रोफेसर कृष्णा प्रसाद उसी महाविद्यालय में प्रिंसिपल थे. उस दौरान अपने ही सहकर्मी राम भरत सिंह से वेतन भुगतान के एवज में कमीशन और अवैध राशि की मांग की  थी. इस मामले को लेकर पिछले साल मुफस्सिल थाना में मामला दर्ज किया गया था.मामले की जांच के बाद आरोपी कृष्णा प्रसाद को गिरफ्तार करने के लिए रोहतास पुलिस के द्वारा वारंट जारी किया गया था. इस मामले में बताया जा रहा है कि वे पिछले एक साल से फरार चल रहे थे. लेकिन बुधवार को सासाराम के नगर थाना क्षेत्र स्थित करन सराय में उनके निजी आवास से प्रोफेसर की गिरफ्तारी हो गई.

एसपी आशीष भारती ने प्रेस रिलीज जारी कर दी जानकारी

रोहतास के एसपी आशीष भारती ने प्रेस रिलीज कर बताया कि मुफस्सिल थाना के कांड संख्या- 272 / 21 दिनांक 18-07-21 को वादी राम भरत सिंह ने मुफस्सिल थाना में प्रोफेसर  के खिलाफ मामला दर्ज कराया था. जिसमें लंबित वेतन के भुगतान के लिए 10% कमीशन की मांग की गई थी. साथ ही अवैध रूप से राशि वसूली का आरोप लगाया गया था. इस मामले में पुलिस ने अनुसंधान के बाद गिरफ्तारी के लिए वारंट जारी किया था. इस मामले में पिछले एक साल से प्रोफेसर की तलाश में पुलिस थी.

प्राचार्य पद के लिए चल रही थी तनातनी

बता दें कि पिछले 2 सालों से शेरशाह कॉलेज में प्राचार्य के पद के लिए तनातनी चल रही थी. जिसको लेकर कॉलेज में दो प्रोफेसर के दो गुट में अदावत चल रही थी. इस मामले को लेकर कुछ महीना पूर्व ही कृष्णा प्रसाद को प्रभारी प्राचार्य के पद से हटना पड़ा था. जिसको लेकर भी कॉलेज में विवाद चल रहा है. सूत्र बताते हैं कि कॉलेज में गुटबाजी चरम पर है. इसी गुटबाजी के कारण सासाराम का शेरशाह महाविद्यालय राजनीति का अखाड़ा बन गया है. बता दें कि पहले भी कृष्णा प्रसाद के द्वारा पैसे के लेनदेन से संबंधित एक वीडियो वायरल हुआ था. जिसकी पुष्टि नहीं थी. लेकिन उस दौरान भी जमकर चर्चा हुई थी कि शेरशाह महाविद्यालय में एक प्रोफेसर के लंबित वेतन भुगतान के लिए अवैध वसूली की बात थी.

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