बिहार के गया जिले के DM और SPअंकल! हमारे लिए कुछ कीजिए. स्कूल जाने के लिए सुबह हमें मम्मी-पापा जल्दी-जल्दी जगा देते हैं. बस लेकर ड्राइवर अंकल भी जल्दी से चले आते हैं, लेकिन हम तो समय पर स्कूल पहुंच ही नहीं पाते हैं. इससे हमारी क्लास भी मिस होती है. ऐसा इसलिए होता है, क्योंकि शहर की सड़कों पर सुबह में इतना भीषण जाम लग जाता है कि हम बस में ही 2 से 3 घंटे तक बैठे रह जाते हैं. इससे हम प्रदूषण से भी प्रभावित होते हैं. स्वास्थ्य को भी खतरा है. DM और SP अंकल, हमारी बात को सुनिए और गया शहर में जाम न लगे, इसके लिए ट्रैफिक व्यवस्था को जल्दी से दुरुस्त करवाइए. यह कहना है गया जिले के स्कूली बच्चों का, जो रोज-रोज सुबह से लगने वाले जाम में फंस जाते हैं.

गया शहर में जाम बहुत बड़ी समस्या है. जाम नहीं लगे, इसे लेकर अबतक कोई ठोस कदम जिला प्रशासन ने नहीं उठाया है. खासकर शहर के बाईपास मोड़ घुघरीटांड़ के पास चौराहा होने के कारण चारों ओर से वाहनों की लंबी कतार लग जाती है. जाम ऐसी की घंटों तक वाहन सड़क पर रेंगते रहते हैं. शहर के बाईपास इलाके में रोजाना सुबह में 2-3 घंटों का जाम लगता है. इससे निकलने को हजारों राहगीरों को कड़ी मशक्कत करनी पड़ती है. जाम से जहां वाहन चालक, स्थानीय दुकानदार तो परेशान रहते हैं, वहीं इसमें सबसे ज्यादा नुकसान स्कूली बच्चों को होता है. जिन बच्चों को 8 बजे स्कूल पहुंचना होता है, वे 11 बजे तक स्कूल पहुंच रहे हैं. कुछ घंटे के बाद स्कूल की छुट्टी हो जाती है. इसके बाद घर लौटते समय भी ये बच्चे फिर से जाम में फंस जाते हैं.
जाम में फंसना बन गई है नियति
जाम में फंसे लोगों ने बताया कि रोजाना इसी सड़क से आना-जाना होता है. प्रतिदिन 2 से 3 घंटा जाम में फंस जाते हैं. बेहतर तरीके से ट्रैफिक व्यवस्था नहीं होने के कारण लोग जैसे-तैसे वाहन चलाते हैं. वहीं शहर के डीपीएस तथा डीएवी स्कुक के छात्र जीतू राज एवं हिमांशु ने बताया कि हम लोगों को 8 बजे स्कूल पहुंचना होता है, लेकिन जाम के कारण रोजाना 2-3 घंटा स्कूल लेट पहुंचते हैं. हम लोग चाहते हैं कि गया के डीएम तथा एसपी जाम की समस्या का जल्द से जल्द समाधान करें.




