बिहार की राजधानी पटना में एक घू’सखोर इंजीनियर निगरानी के हत्थे चढ़ा है। इस इंजीनियर के बारे में कहा जाता है कि इसे भ्र’ष्टाचार की आंच पर पकी हुई रोटी पसंद थी। ये इंजीनियर एक परिवादी से 2 लाख रुपये घू’स ले रहा था।

उसके बाद निगरानी ने परिवादी की शिकायत पर इसे गिर’फ्तार कर लिया। जिस विभाग में इंजीनियर कार्यरत था, वहां के कर्मचारी मन ही मन खुश बताये जा रहे हैं। कर्मचारियों ने नाम नहीं छापने की शर्त पर कहा है कि आरो’पी इंजीनियर राकेश कुमार बिना रिश्व’त के एक भी काम नहीं करता था।

घू’सखोर इंजीनियर गिर’फ्तार
सहयोगी कर्मचारियों का कहना है कि उसका डायलॉग था कि जब तक उसकी जेब में रिश्वत के पैसे आ नहीं जाते हैं, वो एक घूंट पानी तक पीना पसंद नहीं करता। आ’रोपी कार्यपालक अभियंता राकेश कुमार के बारे में निगरानी में परिवादी ने शिकायत की थी, कि वो उससे दो लाख रुपये मांग रहा है। राकेश कुमार पहले भी कई परिवादियों से घूस ले चुका है। कई बार कार्यालय में हिस्सेदारी को लेकर अन्य कर्मचारियों से उसकी झड़प भी हो चुकी है।

घू’स लेने में माहिर था इंजीनियर
निगरानी ने परिवादी की शिका’यत की जांच कराई। उसके बाद सत्यापन में शिकायत सही पाये जाने के बाद आज निगरानी विभाग की टीम ने इंजीनियर को पटना के इनकम टैक्स स्थित अशोका होटल के पीछे से गिरफ्तार कर लिया।

राकेश कुमार हाजीपुर का रहने वाला बताया जा रहा है। वो पटना में विद्युत विभाग में कार्यपालक अभियंता के पद पर कार्यरत था। बुधवार को 11 बजे के करीब निगरानी की कार्रवाई में उसे गिरफ्तार किया गया है. टीम उससे पूछताछ करने और उसकी संपत्ति जांच में जुटी हैं।


