पटना। बिहार की राजनीति में बड़े बदलाव की पटकथा तैयार हो रही है। सीएम नीतीश कुमार लगातार इशारा कर रहे है कि वे तेजस्वी यादव को आगे बढ़ाना चाहते है।
तेजस्वी यादव और उनकी पार्टी के दूसरे नेता लगातार कह रहे हैं कि नीतीश कुमार प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार बनते हैं, तो उनका समर्थन किया जाएगा। इस बीच जीतन राम मांझी के एक बयान ने उपचुनाव के ठीक पहले खलबली मचा दी।
हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा के संरक्षक व पूर्व सीएम जीतन राम मांझी ने एनडीए में जाने की बात को अफवाह बताते हुए सिरे से खारिज किया है। उन्होंने खुद को नीतीश कुमार के साथ बताया है। इसके साथ ही मांझी ने तेजस्वी यादव को आगे बढ़ाने पर भी सहमति तो दी है, मगर इसके लिए शर्त भी रख दी है। मांझी ने ट्वीट किया।
उपचुनाव के दौरान यह भ्रम फैलाया जा रहा है कि मांझी एनडीए में जा सकते हैं। हम नीतीश कुमार के साथ है। उनका जो निर्णय होगा हम उनके साथ रहेंगे।
रही बात तेजस्वी यादव को आगे बढ़ाने की तो इसे लेकर को-आर्डिनेशन कमेटी की बैठक के माध्यम से घोषणा हो तो सही रहेगा। दरअसल, मांझी की यह पूरी कवायद अपनी और अपनी पार्टी की राजनीतिक अहमियत बनाए रखने को लेकर है।
जीतन राम मांझी इसके पहले भी को-आर्डिनेशन कमेटी की मांग करते रहे हैं। एनडीए में रहते हुए भी भाजपा-जदयू के कई फैसलों में हम को शामिल न किए जाने पर ऐतराज जताते हुए मांझी ने समन्वय की कमी बताई थी। अब महागठबंधन में रहते हुए भी वह वही राग अलाप रहे हैं।


