बिहार में आजकल भूमि सर्वे का काम चल रहा है। भूमि सर्वे में लगाए गए कर्मचारी गांव वालों से तगड़ी कमाई कर रहे हैं। कहीं सही को गलत नहीं करने के लिए, तो कहीं गलत को सही करने के लिए। ऐसे ही एक मामले में मंगलवार को शेखपुरा जिले के बरबीघा प्रखंड अंतर्गत जयरामपुर थाना क्षेत्र के तेउस पंचायत भवन से निगरानी विभाग ने दो अमीन को घूस लेते गिरफ्तार कर लिया।

संजीत कुमार और सोनी कुमार पकड़े गए
70 हजार रुपए सर्वे में जमीन चढ़ाने के नाम पर घूस लिए जा रहे थे। किसान अश्वनी कुमार की शिकायत पर निगरानी विभाग ने यह कार्रवाई की। इसमें संजीत कुमार और सोनी कुमार नामक अमीन को निगरानी विभाग ने गिरफ्तार किया है। दोनों को गिरफ्तार कर निगरानी विभाग पटना लेकर गई है। घटना की पुष्टि जिला अधिकारी सावन कुमार ने भी कर दी है।

पंचायत भवन में रिश्वत ले रहे थे दोनों
इस संबंध में मिली जानकारी में बताया गया कि पंचायत भवन में जमीन में सर्वे में नाम चढ़ाने को लेकर मोटी रकम ली जा रही थी। लगातार यहां इसकी शिकायत मिल रही थी । किसान के द्वारा निगरानी में इसकी शिकायत की गई । जिसके बाद निगरानी विभाग में घेराबंदी की और 70 हजार घूस लेते हुए रंगे हाथ दोनों अमीन को गिरफ्तार कर लिया। दोनों को गिरफ्तार करने के बाद निगरानी विभाग पटना लेकर निकल गई ।

आधा मानदेय कटौती का आदेश
सोमवार को विभागीय कामकाज की समीक्षा में जिला पदाधिकारी सावन कुमार ने शेखोपुरसराय के मनरेगा कार्यक्रम पदाधिकारी के काम पर असंतोष जताते हुए उनके मानदेय से 50 प्रतिशत कटौती का आदेश दिया। बैठक में सभी पंचायत सचिवों को जल-जीवन-हरियाली योजना के क्रियान्वयन को उच्च प्राथमिकता देने का निर्देश दिया। इस योजना के बचे हुए कार्यों को अगले 15 दिनों में पूरा करने का निर्देश दिया। जनसंपर्क पदाधिकारी सोनी कुमारी ने बताया दाखिल खारिज के लंबित मामलों की भी डीएम ने समीक्षा की तथा बचे हुए मामलों को शीघ्र निबटाने का आदेश दिया। ओडिएफ प्लस कार्यक्रम को लेकर सामाग्रियों की $खरीदारी में पारदर्शिता के साथ गुणवत्ता के मानक का पालन करने का निर्देश दिया है। बैठक में कई अधिकारी अनुपस्थित रहे,जिन्हें कारण बताओ नोटिस भेजने का निर्देश डीएम ने दिया है।



