मुजपफरपुर: शनिवार को में बुढ़ी गंडक नदी के महम्मदपुर कोठी के गोल घाट पर प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजनान्तर्गत रिवर पेंटिंग कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस विभागीय समारोह का उद्घाटन हेतु डीन मात्स्यिकी महाविद्यालय ढोली विशिष्ट अतिथि के रूप में कार्यक्रम में भाग लिया। इस कार्यक्रम में मो० राशिद फारुकी, उप मत्स्य निदेशक उदय प्रकाश ,डॉ० नूतन एवं अन्य विभागीय पदाधिकारी व कर्मचारी उपस्थित रहे। समारोह में जिले के स्थानीय जनप्रतिनिधि, मत्स्यजीवी सहयोग समिति के मंत्री अध्यक्ष एवं सदस्य उपस्थित रहे। जिला मत्स्य पदाधिकारी डॉ. नूतन के द्वारा अतिथियों का स्वागत किया गया तथा सरकार के द्वारा विकासोन्मुखी कार्यक्रम की चर्चा की गई।
मात्स्यिकी महाविद्यालय, ढोली को रिवर रेचिंग कार्यक्रम हेतु नोडल नामित किया गया है।
मो० राशिद फारूकी एवं ॐ नूतन जिला मत्स्य पदाधिकारी के द्वारा बताया गया कि कालान्तर में नदियों के प्राकृतिक स्वरूप पर मानव गतिविधियाँ, अविवेकीय मलय दोहन, बढ़ते पर्यावरण प्रदुषण, सतत् मत्स्य संसाधनों का उपयोग एवं संरक्षण नहीं होने के फलस्वरूप नदियों के जैवविविधता में संतुलन एवं संरक्षण के साथ नदियों के मत्स्य उत्पादकता में बढोत्तरी और मछुआरों के आर्थिक एवं सामाजिक उत्थान पर आश्रित मछुआरों के वार्षिकआय में वृद्धि लाना है।
उनके द्वारा कहा गया कि हमने अल्पकालीन लाभ आवश्यकता या लोभ वर्ष प्राकृतिक जल संपदा का अनावश्यक दुरुपयोग करते हुए दोहन किया है। जिसे पूर्णस्थापन करने हेतु रिवर रेचिंग कार्यक्रम का क्रियान्वयन किया जा रहा है। जिससे नदी कि स्वच्छता, मत्स्य उत्पादन में बढ़ोत्तरी एवं मछुआरों की आजीविका बेहतर हो सके। साथ ही जिसके सकरात्मक परिणाम होगे।
छोटे आकार के मत्स्य बीज को संरक्षण प्रदान करना होगा तथा 4 सं०मी० से कम फासाजाल का प्रयोग नहीं करना आदि शामिल है। इसके लिए राज्य सरकार के स्तर से वृहत रूप से जागरूकता अभियान एवं प्रचार प्रसार किया जा रहा है। राज्य के नदियों में 15 जून से 15 अगस्त तक की अवधि में मत्स्य शिकारमाही पर प्रतिषेध है। केन्द्र एवं राज्य सरकार के द्वारा इन प्रतिषेध अवधि में मछुआरों के वित्तीय राहता पहुंचाने के उद्देश्य से राहत -सह- बचत योजना लाई जा रही है। अन्त में उप मत्स्य निदेशक, तिरहुत परिक्षेत्र द्वारा धन्यवाद ज्ञापन किया गया।





