मुजफ्फरपुर : 4 साल पहले कटवाया था पिता के नाम का बिजली कनेक्शन, बिल देख बेटों को लगा झटका!

मुज़फ्फरपुर. बिजली विभाग के कारनामे अक्सर चर्चा में रहते हैं. कभी लोगों का बिल ज्यादा कर दिया जाता है, तो कभी बिल ही नहीं भेजकर अचानक से मोटी रकम का बिल थमा दिया जाता है. मुज़फ्फरपुर में एक अलग टाइप का मामला सामने आया है. एक व्यक्ति के बिल में अचानक यह कहकर 1 लाख 42 हजार रुपया बढ़ा दिया गया कि सालों पहले उनके पिता के ऊपर बिजली विभाग का बकाया था, तो अब आप चुकाएं जबकि पिता के ज़माने का कनेक्शन कटवाए हुए चार साल बीत चुके हैं.

Electricity corporation will run campaign cut electricity connection |  Electricity : अब काटे जाएंगे लाखों बिजली के कनेक्शन, कहीं आपका नाम भी इस  लिस्ट में तो नहीं | Patrika Newsमामला मुज़फ्फरपुर ज़िले के कुढ़नी प्रखंड अंतर्गत दरियापुर कफेन गांव का है. दरियापुर के रत्नेश कुमार के बिजली बिल में बिजली विभाग ने जब 1 लाख 42 हजार रुपये का बिल जोड़ दिया तो वह चकित रह गए. रत्नेश के बड़े भाई ब्रजेश बताते हैं कि बिजली विभाग से इस लापरवाही का कारण पूछने पर पता चला कि विभाग ने उनके स्वर्गवासी पिता विनय कुमार ठाकुर के नाम का कथित बकाया बिल हमारे कनेक्शन पर ट्रांसफर कर दिया. विभाग ने उपभोक्ता रत्नेश कुमार के कंज्यूमर आईडी पर पिता का बिल जोड़ने को लेकर एक लेटर भी जारी किया, जिसमें पहले के कनेक्शन का मीटर नंबर भी अंकित नहीं था.

पिता के गुजरने के 10 साल बाद वसूली!

ब्रजेश बताते हैं कि वर्ष 2012 में जब उनके पिता की मौत हुई, उसके पहले से उनके घर का मीटर खराब था. इस कारण से विभाग द्वारा एवरेज बिलिंग कर बिजली का बिल भेजा जाता था, जिसका भुगतान भी किया जाता रहा. बाद में जब पिताजी की मौत हो गई, तो इसके बाद भी यह सिलसिला लंबे समय तक चलता रहा. 6 साल बाद 2018 में इन लोगों ने बिजली विभाग में आवेदन देकर पिता के नाम का मीटर कनेक्शन कटवा लिया.

इसके बाद उन्होंने अपने नाम से बिजली का कनेक्शन लिया और लगातार बिल का भुगतान भी करते आ रहे थे. इस बीच अचानक पिता के नाम का बिजली की कथित मोटी रकम बकाया बताकर बिल थमा दिया गया. ऐसे में अब उपभोक्ता बिजली विभाग से सवाल कर रहे हैं कि जब पिता के नाम पर बिजली का बकाया था तो कनेक्शन कटवाने के समय विभाग ने वसूल क्यों नहीं किया. हालांकि शिकायत पर बिजली विभाग अब जांच करने की बात कह रहा है, लेकिन पसोपेश की स्थिति बनी हुई है.

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