पटना. बिहार के संगीत की कमान संभालने वाले 68 वर्षीय दिग्गज गायक बृज किशोर दुबे की सोमवार को संदिग्ध अवस्था में मौत हो गई है. उनका शव केसरी नगर स्थिति अजंता कॉलोनी में उनके दोस्त के फ्लैट के बाथरूम में मिला. इस खबर से कला जगत में सनसनी फैल गई. पुलिस अभी इस मामले में हत्या या आत्महत्या के पहलू पर जांच कर रही है.
बताया जा रहा है कि सोमवार को घटना की जानकारी मिलते ही पटना पुलिस की टीम डीएसपी के नेतृत्व में मौके पर पहुंच गई थी. लगभग दो घंटे की छानबीन के बाद पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए पीएमसीएच भेज दिया. बता दें कि घटनास्थल से पुलिस ने एक सुसाइड नोट भी बरामद किया है. पुलिस अधिकारियों की मानें तो कहीं कोई जख्म का निशान नहीं हैं. ऐसे में जांच की एक तरफ से तो यह आत्महत्या का मामला लग रहा है और मौके से सुसाइड नोट भी मिला है.
वहीं, दूसरी तरफ से देखा जाए तो शव बाथरूम में पानी भरे एक टब में था. उनका आधा नीचे का हिस्सा कुर्सी पर था और ऊपर का हिस्सा टब में पानी के अंदर और उनके दोनों पैर गमछे से तीन जगह बंधे हुए पाए गए हैं. फिलहाल, पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही कुछ स्पष्ट किया जा सकता है. कई बिंदुओं पर छानबीन की जा रही है. कुछ लोगों से पूछताछ भी की जा रही है.
बता दें कि बृज किशोर मूल रूप से रोहतास जिले के रहने वाले थे. गायक बृज किशोर को लोग संगीत बिहार के क्षेत्र में योगदान के लिए राष्ट्रपति द्वारा संगीत नाटक अकादमी अवार्ड से सम्मानित किया जा चुका था. बृज किशोर लोक गायक होने के साथ-साथ उम्दा किस्म के गीतकार भी थे. कई भोजपुरी फिल्मों के लिए वह गीत लिख चुके थे. भोजपुरी अकादमी से सहायक निदेशक के पद से रिटायर्ड बृज किशोर दुबे आकाशवाणी पटना से भी जुड़ चुके थे.
घटना के बारे में पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, बृज किशोर की रविंद्र कुमार से सालों से जान पहचान थी. लोहा गेट के पास अजंता कालोनी में रविंद्र एक मकान की दूसरी मंजिल पर किराए का कमरा ले रखे हैं. उस कमरे में तीन चार साल से गायन, वादन, नृत्य का प्रशिक्षण किया जा रहा था. रविंद्र की ड्यूटी सोनपुर मेला में लगी थी. बृज किशोर उनसे शनिवार को कमरे की चाबी मांग ली थी. रविवार दोपहर में बृज किशोर दीघा स्थित फ्लैट से खाना खाकर अजंता कॉलोनी स्थित मकान पर गए.
स्वजनों की मानें तो जब भी उन्हें कुछ लिखना- पढ़ना होता था तो कई बार बाहर जाते थे. रविवार की रात वह घर नहीं लौटे. जब सुबह स्वजन उनके मोबाइल पर फोन किए तो बंद मिला. परेशान परिजनों द्वारा उनके वाट्सऐप पर मैसेज भी किया गया, कोई जवाब नहीं मिला. तब परिजनों द्वारा उनकी खोजबीन शुरू की गई और सोमवार दोपहर करीब तीन बजे अजंता कॉलोनी स्थित कमरे में पहुंचे तो देखा कि उनका शव बाथरूप में पड़ा है. घटनास्थल पर उनकी बेटी मनीषा कुमार, पत्नी रामकुमारी देवी, दामाद मनिंद्र मिश्रा और छोटे बेटा भी पहुंचे थे.
