मुजफ्फरपुर : शहर में वायु प्रदूषण का ग्राफ लगातार बढ़ता जा रहा है। दीपावली के बाद से यही हालत बनी है। इस बार दीपावली के दौरान आतिशबाजी से जितना प्रदूषण का ग्राफ नहीं बढ़ा उतना अब बढ़ रहा है।
जिला स्कूल इलाके में प्रदूषण का ग्राफ दोपहर 12 बजे 380 पर जाकर थमा। वहीं एक्यूआइ 372 पर रहा। यह रेड जोन में है। समाहरणालय व एमआइटी इलाके का प्रदूषण ग्राफ विभागीय पोर्टल पर नहीं दिखा। वहीं, पीएम 2.5 की स्तर जिला स्कूल इलाके में सुबह पांच बजे 377, दोपहर 12 बजे 380, शाम तीन बजे 312 और रात आठ बजे 352 पर रहा।
उधर, डा.नवीन कुमार ने बताया कि इधर सांस संबंधित बीमारियों से मरीज लगातार आ रहे हैं। इसका मुख्य कारण बढ़ रहा प्रदूषण है। बता दें कि प्रदेश के कई शहरों में प्रदूषण की स्थिति काफी गंभीर हो गई है।
बेगूसराय, दरभंगा, बेतिया, मोतिहारी, सिवान, बक्सर में प्रदूषण की स्थिति काफी गंभीर है। इन शहरों में एयर क्वालिटी सूचकांक (एक्यूआइ) 400 को पार कर गया है।
इन शहरों में प्रदूषण नियंत्रण के लिए ठोस कदम उठाने में अभी समय लगेगा। आंकड़ों का अध्ययन पिछले छह माह से किया जा रहा है। कार्ययोजना तैयार करने के लिए कम से कम साल भर का डाटा जरूरी है। ये बातें बिहार प्रदूषण नियंत्रण पर्षद के अध्यक्ष डा.अशोक कुमार घोष व सदस्य सचिव एस.चंद्रशेखर ने संवाददाता सम्मेलन में कही।
बिहार राज्य प्रदूषण नियंत्रण पर्षद के अध्यक्ष डा.घोष ने कहा कि अभी तक प्रदेश के केवल तीन शहरों में प्रदूषण नियंत्रण के लिए कार्ययोजना तैयार की गई है। उसमें पटना, गया व मुजफ्फरपुर शामिल हैं।
इन शहरों में कार्ययोजना के अनुसार काम करने का निर्देश संबंधित एजेंसियों को दिया गया है। कार्ययोजना के अनुसार काम कराना जिला प्रशासन की जिम्मेदारी है।



