न’शेड़ियों से परेशान सीनियर छात्राओं ने स्कूल आना छो’ड़ा, आते-जाते कसते हैं फ’ब्तियां

पटना : राजधानी पटना के फुलवारीशरीफ के सबसे बड़े सरकारी विद्यालय का प्रबंधन बाहरी लड़कों व अ’तिक्रमणकारियों के सामने घु’टने टे’क चुका है। पुलिस भी इनके सामने वि’वश है। विधायक का ह’स्तक्षेप भी बे’असर है। न’तीजतन, बड़ी संख्या में सीनियर छात्राओं ने प्लस टू स्तरीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय आना छोड़ दिया है।

प्रधानाध्यापक अभयानंद मिश्र ने 29 नवंबर को तीसरी बार पत्र लिख कर छा’त्राओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने तथा परिसर को बे’धड़क अनधिकृत लोगों के प्रवेश से छु’टकारा दिलाने का आग्रह किया है।

प्रधानाध्यापक प्रधानाध्यापक अभयानंद मिश्र ने अभिभावकों से छात्राओं को नियमित विद्यालय भेजने को कहा तो सभी ने एक स्वर में परिसर के मैदान में बाहरी लड़कों के जमावड़े और रास्ते में फब्तियां कसने की शिकायत की। विद्यालय में कुल 2300 नामांकन है। इसमें 1810 छात्राएं हैं।

प्राचार्य के अनुसार अभी इनमें लगभग तीन सौ छात्राएं ही नियमित विद्यालय आ रही हैं। प्राचार्य ने बताया कि तीन दिन पहले निरीक्षण को सदर एसडीओ आए थे। उनके सामने अतिक्रमण व नशेड़ियों के जमावड़े की शिकायत की थी। इसके बाद 29 नवंबर को फुलवारीशरीफ थाना को फिर पत्र लिखा है।

नशेड़ियों से सिर्फ छात्राएं ही नहीं, बल्कि खुद अधिकारी भी परेशान हैं। करीब तीन एकड़ में फैले विद्यालय परिसर में बीआरसी कार्यालय भी है, जहां प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी (बीईओ) गौहर अंजुम बैठती हैं। उन्होंने कहा कि नशेड़ियों के जमावड़े के कारण कार्यालय की खिड़कियां सील करा दी हैं।

वे जुलाई 2019 से प्रतिनियुक्त हैं। साल की शुरुआत में विधायक गोपाल रविदास के माध्यम से थानाध्यक्ष को कहवाया तो कुछ नशेड़ियों को पकड़कर ले गई। बाद में पता चला कि किशोरवय का होने के कारण सबको थाने से ही छोड़ दिया गया।

वहीं, फुलवारीशरीफ विधायक गोपाल रविदास ने कहा कि प्रधानाध्यापक व बीईओ की शिकायत का पता चला है। थानाध्यक्ष को विद्यालय खुलने और बंद होने के समय गश्त करने को कहा है। वहीं विद्यालय में किसी के भी अनधिकृत प्रवेश को रोकने का निर्देश दिया है, ताकि छात्राएं निर्भीक होकर विद्यालय आ सकें। फुलवारीशरीफ थानाध्यक्ष शफीर आलम ने कहा कि प्रधानाध्यापक का आवेदन मिला है। जल्द ही बाहरी तत्वों पर सख्त कार्रवाई होगी।

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