पटना. मसौढ़ी में जन वितरण प्रणाली द्वारा राशन कार्डधारियों को जो चावल वितरण किया गया है उसे प्लास्टिक का बताया जा रहा है. लोगों में चावल को लेकर संशय है और डर इस बात का है की प्लास्टिक चावल खाने से किसी तरह की बीमारी तो नहीं होगी. कार्डधारियों का कहना है कि वितरण किए चावल में प्लास्टिक चावल मिला हुआ है जो बनाने पर गलता नहीं है. इससे बीमारी का खतरा लगता है.
कुमारी मृदुला का कहना है कि यह है आम चावल की तरह नहीं है. जब इसे भूजा बनाया जाता है तो यह फूटता भी नहीं है और जस का तस रह जाता है. इसके साथ ही चावल को कितना भी उबाला जाए मगर गलता नहीं है. वहीं उज्जवल कुमार का कहना है कि यह चावल आम चावल से काफी अलग दिखता है. देखने थोड़ा बड़ा चावल दिखाई देता है और यह गलता भी नहीं है. जन वितरण प्रणाली से यह वितरित किया जा रहा है. इस पर हम अनुमंडल अधिकारी और जिला अधिकारी से जांच की मांग भी करते हैं.
इस संबंध में आपूर्ति पदाधिकारी मसौढ़ी मुकेश कुमार का कहना है कि इस तरह के चावल में प्लास्टिक चावल नहीं मिला हुआ है, बल्कि एक प्रतिशत प्रोटीनयुक्त फोर्टिफाइड चावल मिला हुआ है. यह स्वास्थ के लाभदायक है और कुपोषण, एनिमिया में फायदा होता है.
इस संबंध में आपूर्ति पदाधिकारी मसौढ़ी मुकेश कुमार का कहना है कि इस तरह के चावल में प्लास्टिक चावल नहीं मिला हुआ है, बल्कि एक प्रतिशत प्रोटीनयुक्त फोर्टिफाइड चावल मिला हुआ है. यह स्वास्थ के लाभदायक है और कुपोषण, एनिमिया में फायदा होता है.





