मुंगेर के सदर प्रखंड क्षेत्र के रामगढ़ गांव निवासी किसान चंद्रशेखर सिंह अब क्षेत्रीय सब्जी उत्पादकों के लिए नजीर बनने लगे हैं। उन्होंने वैज्ञानिक पद्धति से सब्जी उत्पादनों का प्रयास शुरू किया है। जिसके तहत कम से कम चार फीट और अधिकतम साढ़े छह फीट की कद्दू का उत्पादन कर सब्जी विक्रेताओं को उत्साहित किया है।
इस बाबत किसान चंद्रशेखर बताते हैं कि वह हमेशा एक नया प्रयोग करते हैं, इसके तहत उन्होंने अपने रिश्तेदारों के यहां से एक नई प्रजाति कद्दू का बीज प्राप्त किया। वह उसे अपने घर की जमीन में लगा लिया, उन्होंने पाया कि इस प्रजाति के बीज से कम से कम कम से कम चार फीट और अधिकतम साढ़े छह फीट पक्का फसल प्राप्त कर रहे हैं। इसे देखने के लिए अन्य सब्जी उत्पादक किसान पहुंच रहे हैं।
उन्होंने क्षेत्रीय किसानों को इस प्रभेद के बीज का उपयोग करने व अधिक मुनाफा प्राप्त करने के रहस्य बताएं। हालांकि किसान चंद्रशेखर बताते हैं कि इस वर्ष उन्होंने इस प्रभेद से प्राप्त फसल की बिक्री नहीं की है लेकिन अगले वर्ष उन्हें मौका मिला तो वे मुनाफा कमाने से हिचकीचाएंगे नहीं। उन्होंने स्थानीय सब्जी उत्पादक किसानों को सलाह देते हुए कहा कि इस प्रभेद के बीच का उपचारण कर फसल प्राप्त करें व अधिक से अधिक मुनाफा प्राप्त करने का प्रयास करें।
किसान चंद्र शेखर सिंह ने बताया कि जब उनके घरों में इतनी लंबी लंबी कद्दू उपजने लगा तो वे बाजारों में कद्दू को बेचने के बजाय सैकड़ों ग्रामीणों के बीच कद्दू का वितरण रोजाना कर रहे हैं। इतना ही नहीं चंद्रशेखर के घर के छत से लेकर आंगन बाहर और कमरे में भी कद्दू जहां-तहां ऊपज रहा है।
वही किशन चंद शेखर ने बताया कि इतनी लंबी कद्दू को कृषि विभाग के द्वारा लगाया गया प्रदर्शनी में लगाया जाता है यह मुझे मालूम नहीं था और ना ही मुझे कृषि विभाग के द्वारा कृषि करने के लिए आज तक प्रेरित किया गया है।
लेकिन अब अगर कहीं भी कृषि विभाग के द्वारा प्रदर्शनी लगाया जाएगा तो वहां मैं अपने हाथों से उपजाए फसल को प्रदर्शनी में लगाऊंगा। वहीं उन्होंने बताया कि हम लोग पूरा परिवार खेती पर ही निर्भर करते हैं और फसल उप जाने के लिए मेरे पास इतनी भी राशि नहीं है
अगर कृषि विभाग के अलावे सरकारी स्तर पर हम लोगों को किश्ती करने के लिए सहायतार्थ मिले तो हम अपने फसल को बेहतर तरीके से उपजा करेंगे। इसके अलावे अपने फसल का प्रदर्शनी लगाकर जिला ही नहीं राज्य स्तर के साथ-साथ राष्ट्रीय स्तर पर भी अपने गांव का नाम रोशन करेंगे।


