आरसीपी सिंह के साथ-साथ सुशील मोदी भी ज’मकर बरसे, बोले- सीएम नीतीश रिटायर होकर शिवानंद तिवारी के आश्रम में चले जाएं

पटना. कुढ़नी विधानसभा उपचुनाव में मिली हार के बाद नीतीश कुमार और ललन सिंह विरोधियों के निशाने पर हैं. उनके पुराने मित्र राष्ट्रीय अध्यक्ष ललन सिंह और नीतीश कुमार पर ना सिर्फ चुटकी लेते हुए हमला बोला, बल्कि नसीहत भी दी. यही नहीं नीतीश कुमार के विरोधी वो कारण भी बता रहे हैं, जिसकी वजह से कुढ़नी में जदयू को हार मिली. नीतीश कुमार के कभी बेहद करीबी माने जाने वाले आरसीपी सिंह ने कुढ़नी के बहाने नीतीश कुमार पर निशाना साधते हुए कहा कि गुजरात में 27 वर्षों के शासनकाल में भाजपा ने 182 में 156 सीटें जीतकर रिकॉर्ड स्थापित किया है. वहीं बिहार के कुढ़नी में हुए उपचुनाव में ललन सिंह की टेबल वाली राजनीति, शराबबंदी और घटिया बालू नीति के कारण वहां की जनता ने जदयू को नकार दिया.

आरसीपी सिंह ने कहा कि वहां 7 पार्टियों ने मिलकर वहां चुनाव लड़ा था. फिर भी जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष ललन सिंह के अपने ही समाज के लोगों ने उन्हें वोट नहीं दिया. आरसीपी सिंह ने शराबबंदी और घटिया बालू नीति को लेकर कहा कि बिहार में हर दिन 55 से 60 करोड़ का नुकसान हो रहा है. उन्होंने कहा कि दो दिन बाद जदयू की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक है, जिसमें पार्टी 7 राज्य में चुनाव कैसे लड़े, इस पर विचार करेगी. लेकिन नीतीश कुमार को अपने बिहार में अपनी स्थिति देखनी चाहिए. इसके बाद प्रधानमंत्री का सपना देखना चाहिए. आने वाले 2024 के लोकसभा चुनाव में जदयू एक भी लोकसभा सीट नहीं जीत पाएगी.

पुराने सहयोगियों ने ही सीएम नीतीश पर साधा निशाना

वहीं नीतीश कुमार के पुराने सहयोगी सुशील मोदी ने कुढ़नी की हार के बाद नीतीश कुमार को निशाने पर लेते हुए कहा कि नीतीश कुमार अब तेजस्वी को सत्ता सौंप कर शिवानंद के आश्रम में जाएं. वहीं कुढ़नी की जीत को बिहार के सियासत के लिए बेहद महत्वपूर्ण मानते हुए कहा कि सात दलों का चक्रव्यूह तोड़कर भाजपा अभिमन्यु बन गई है. अब मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और जदयू अध्यक्ष ललन सिंह दोनों को कुढनी में हार की जिम्मेदारी लेनी चाहिए. सुशील मोदी ने यह भी कहा कि नीतीश कुमार का जनाधार खत्म हो चुका है. उन्हें अब जदयू का राजद में विलय भी जल्द ही कर देना चाहिए.

सुशील मोदी ने ललन सिंह को भी निशाने पर लेते हुए कहा कि वह कुढ़नी में अपनी जाति का वोट भी पार्टी को नहीं दिलवा सके और बाते बड़ी-बड़ी करते हैं. कुढनी और गोपालगंज, दोनों चुनाव क्षेत्रों में भाजपा ने सात दलों का चक्रव्यूह तोड़कर कर स्वयं को आधुनिक अभिमन्यु सिद्ध किया यह बिहार में बड़े बदलाव का साफ संकेत है.

JDU ने भी किया पलटवार 

वहीं आरसीपी सिंह और सुशील मोदी के हमले पर जदयू ने भी पलटवार किया है. जदयू प्रवक्ता अभिषेक झा कहते हैं कि एक को बिहार की सियासत में कोई पूछ नहीं रहा है. दूसरा जिनको आगे कर बीजेपी ने षड्यंत्र करवा दिया, लेकिन अब उन्हें पार्टी में शामिल भी नहीं कर रही है. अब वे लोग नीतीश कुमार जी को नसीहत दे रहे हैं. थोड़ा इंतजार कर लीजिए. खुशी ज्यादा दिन नहीं चलने वाली है.

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