पटना : बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने जदयू संसदीय बोर्ड अध्यक्ष और पार्टी से असंतुष्ट चल रहे उपेंद्र कुशवाहा को गुरुवार को सलाह और नसीहत दी है कि वह अपनी शिकायतें मीडिया के माध्यम से उठाना बंद करें और अपनी समस्याओं को पार्टी के मंच पर आकर उठाएं।
जद (यू) नेता और प्रदेश के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कुशवाहा के एक ट्वीट के बारे में पत्रकारों के सवालों के जवाब देते हुए यह बात कही। कुशवाहा ने अपने ट्वीट में नीतीश कुमार को चुनौती देते हुए कहा था कि वह ‘अपना हिस्सा नहीं देंगे।’
कुशवाहा का ट्वीट कुछ इस प्रकार था- बड़ा अच्छा कहा भाई साहब आपने…! ऐसे बड़े भाई के कहने से छोटा भाई घर छोड़कर जाने लगे तब तो हर बड़का भाई अपने छोटका को घर से भगाकर बाप-दादा की पूरी संपत्ति अकेले हड़प ले। ऐसे कैसे चले जाएं अपना हिस्सा छोड़कर….?
कुशवाहा का यह ट्वीट नीतीश कुमार की उस प्रतिक्रिया के बाद आया था, जिसमें उन्होंने कहा था कि हमारी पार्टी कमजोर नहीं हुई है। ये झूठे आरोप हैं, लोगों को जो कुछ कहना है कहने दीजिए। नीतीश ने कहा था कि कुछ लोग चर्चा में बने रहने के लिए कुछ-कुछ बोलते रहते हैं।
उन्होंने कहा कि कुछ लोग पार्टी के कमजोर होने की बात करते हैं। पहले से कई गुना पार्टी सदस्यों की संख्या बढ़ी है। किसी के कहने से जदयू पार्टी कमजोर नहीं होगी। सीएम ने कहा कि महागठबंधन को लेकर बहुत कुछ कहा जा रहा है। किसी के कहने और जाने से विकास रुकेगा नहीं। कोई कहीं भी जाने के लिए स्वतंत्र है। मुख्यमंत्री के इस बयान के बाद ही उपेंद्र कुशवाहा ने उपरोक्त ट्वीट कर उन्हें चुनौती दी थी।
नीतीश ने गुरुवार को नाखुशी जाहिर करते हुए कहा कि उन्हें यह समझना चाहिए कि वह पार्टी से अलग होने के बाद तीसरी बार पार्टी में लौटे हैं, लेकिन उनके साथ सम्मान के साथ व्यवहार किया गया। अगर उन्हें कोई शिकायत है तो उन्हें पार्टी के अंदर ही इसे जाहिर करना चाहिए। आपको मीडिया या सोशल मीडिया के माध्यम से अपने विचारों को सार्वजनिक रूप से प्रसारित नहीं करना चाहिए।


