मुजफ्फरपुर : पारू थाना क्षेत्र के कमलपुरा मठिया गांव में शनिवार की सुबह उस समय स’नसनी फैल गई जब वहां सरसों के खेत से एक पुरुष का श’व ग्रामीणों ने देखा। तत्काल इसकी सूचना पारू थाना पु’लिस को दी गई जिसने वहां पहुंच श’व को ब’रामद किया। उसकी कमलपुरा मठिया गांव निवासी नागेश्वर सिंह के पुत्र जय प्रकाश सिंह (40) के रूप में हुई है।
जय प्रकाश सरैया सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में निजी तौर पर मुफ्त जांच शिविर में जाकर दवा वितरण का काम करता था। कैजुअल के रूप में ही 29 जनवरी को लहेरियासराय, दरभंगा जाने की भी उसकी तैयारी थी। मृ’तक के पिता ने बताया कि शुक्रवार की रात जय प्रकाश खाना खाकर घर के अंदर सोया था।
शनिवार की अलसुबह वह अपने दरवाजे पर बैठे जय प्रकाश के जगने का इंतजार कर रहे थे कि इसी बीच उनका मंझला पुत्र ओमप्रकाश आया और जय प्रकाश का श’व सरसों के खेत में फेंका हुआ मिलने की जानकारी दी। घ’टना की सूचना मिलने पर थानाध्यक्ष रामनाथ प्रसाद, अंचल इंस्पेक्टर वीरेंद्र कुमार सिंह, सरैया एसडीपीओ कुमार चंदन ने घ’टनास्थल पर पहुंच जांच की।
फिर श्वान दस्ते एवं विधि विज्ञान प्रयोगशाला की टीम को घ’टना स्थल पर बुलाया गया। टीम ने कुछ न’मूने ए’कत्रित किए हैं। साथ ही पुलिस ने श’व को पो’स्टमार्टम के लिए भेजा दिया। पुलिस के मुताबिक अभी तक मृ’तक के स्वजन द्वारा कोई आवेदन नहीं दिया गया है। वहीं ह’त्या के कारण का अभी पता नहीं चल पाया है।
इधर, जयप्रकाश की गर्दन दबाकर और जहरयुक्त इंजेक्शन देकर हत्या करने की आशंका व्यक्त की जा रही है। बताया जाता है गर्दन और पेट समेत तीन जगहों से इंजेक्शन देने जैसा खून निकला हुआ पाया गया है। गर्दन पर भी हल्के निशान देखे गए है। वहीं सब इस बात से भी अचंभित हैं कि जब जयप्रकाश खाना खाकर घर मे सो रहा था तो अगली सुबह सरसों के खेत में शव फेंका हुआ कैसे मिला?
ग्रामीण या स्वजन इसपर कोई भी प्रकाश डालने में असमर्थ हैं। वहीं कई ग्रामीण दबी जुबान में यह भी बताते हैं कि पूर्व में उसके संबंधियों के बीच किसी मामले को लेकर के’स वगैरह भी हुआ था। हालांकि उसमें दोनों पक्षों के बीच समझौता होने बाद मामला पूरी तरह सुलझ चुका था।

