शिक्षक की है’वानियत, छात्र की उ’धेड़ दी चमड़ी, शाम तक कमरे में रखा कै’द

सुपौल : सुपौल में एक बार फिर एक गुरुजी की हैवानियत की तस्वीर सामने आई है, जिन्होंने पहले तो एक छात्र को जंजीर से बांध कर ताला जड़ कर जमकर धुनाई की थी, लेकिन इस बार गुरुजी ने बगैर हाथ पैर बांधे एक छात्र की पीठ पर बेल्ट की बारिश कर दी, जिन हाथों से कलम पकड़ाकर गुरुजी को कुछ गुण सिखाने चाहिए थे, उन्हीं हाथों से छात्र के पीठ पर बेरहम गुरुजी ने बेल्ट की बरसात कर दी और छात्र की पीठ की चमड़ी उधेड़ कर रख दी, छात्र के पीठ पर जगह-जगह गहरे जख्म के निशान देख आपके भी रोंगटे खड़े हो जाएंगे.

chtrपहले से ही सुर्खियों में है शिक्षक 

मामला सुपौल के निर्मली अनुमंडल मुख्यालय स्थित मध्य विद्यालय रसुआर से जुड़ा है, जहां हंसवाहिनी विद्यासागर निर्मली के संस्थापक रामप्रकाश साहू सरकारी स्कूल में सहायक शिक्षक के रूप में कार्यरत हैं और शिक्षक इन मामलों में पहले से ही सुर्खियों में हैं. दरअसल इस शिक्षक की पिटाई का दंश अबतक कई छात्र झेल चुके हैं. कई छात्रों के जख्म अबतक भरे भी नहीं थे कि एक नया मामला सामने आ गया है.

एक साथ दो जगह ड्यूटी करता है शिक्षक   

बताया जाता है कि हंसवाहिनी विद्यासागर निर्मली के संस्थापक रामप्रकाश साहू पास के ही मरौना प्रखंड के ललमनिया पंचायत के मध्य विद्यालय रसुआर में बतौर सहायक शिक्षक के रूप में कार्यरत हैं और एक साथ इनकी दो-दो जगह ड्यूटी होती है. ऐसे में इन्हें तनाव भी झेलना पड़ता है. यही कारण है कि तनाव को कम करने के लिए एक नाव पर चलने की आदत गुरुजी खुद नहीं तय करते और छात्रों पर ही ताबड़तोड़ पिटाई कर अपने तनाव को कम करने की सोचकर छात्र और उनके परिजनों के लिए भी मुसीबतों का पहाड़ खड़ा कर देते हैं.

छात्र की ही बेल्ट से उसकी कर दी पिटाई 

बताया जा रहा है कि मध्य विद्यालय रसुआर में 8वीं कक्षा में पढ़ रहे रसुआर गांव निवासी प्रदीप कुमार साह का पुत्र विकास कुमार लंच टाइम में स्कूल से घर चला गया था. जब वह अगले दिन सुबह में स्कूल आया तो सहायक शिक्षक की विकास पर नजर पर गई और देखते ही विकास को अपने पास बुला लिया. जैसे ही छात्र सहायक शिक्षक के पास पहुंचा तो शिक्षक ने छात्र के कमर से बेल्ट खोलकर निकाल लिया और छात्र की ही बेल्ट से उसके पीठ पर बेल्ट की बारिश शुरू कर दी. छात्र की चीख-पुकार से स्कूल में मौजूद अन्य छत्रों में भी डर का माहौल कायम हो गया. इसके बाद शिक्षक ने जख्मी छात्र को एक कमरे में कैद कर दिया.

छात्र को अस्पताल में कराया गया भर्ती 

स्कूल में छुट्टी होने के बाद भी जब विकास घर नहीं लौटा तो परिजन स्कूल पहुंचे, इसके बाद कमरे से छात्र को बाहर निकलवाया गया. परिजनों को देखते ही स्कूल परिसर में जख्मी छात्र फूट-फूट कर रोने लगा तो परिजन भी सहम गए. इस बीच विकास के पीठ पर जख्म देख परिजन छात्र को अनुमंडलीय अस्पताल लेकर चले गए. जहां छात्र का इलाज चल रहा है.

हेडमास्टर ने कहा नहीं थी मामले की जानकरी   

इस मामले में पीड़ित छात्र के परिजनों के द्वारा नदी थाना में आवेदन दिया गया है. परिजन न्याय की गुहार लगा रहे हैं. जबकि मध्य विद्यालय रसुआर के हेडमास्टर का कहना है कि छात्र की पिटाई मामले की सूचना उन्हें नहीं थी. स्कूल बंद करते समय जब छात्र के परिजन पहुंचे तब उन्हें जानकारी मिली, इसके बाद उन्होंने सहायक शिक्षक से मोबाइल पर पूछा तो सहायक शिक्षक के द्वारा उन्हें पुष्टि की गई कि सच में छात्र की उन्होंने ने ही पिटाई की है.

कार्रवाई का दिया गया आश्वासन

गौरतलब है कि एक तरफ सरकार के द्वारा सरकारी स्कूलों में छात्रों की नियमित उपस्थिति को लेकर कई तरह की योजनाएं चलाई जा रही है. छात्रों को पीटने पर भी पाबंदी है. बावजूद शिक्षक रामप्रकाश साहू के द्वारा ऐसी घटनाओं को अंजाम दिया जा रहा है. इधर, इस मामले में मरौना प्रखंड के बीईओ रामप्रसाद सिंह यादव का कहना है कि सहायक शिक्षक के द्वारा छात्र की पिटाई का मामला संज्ञान में आया है, मामले की जांच की जा रही है. जल्द ही कार्रवाई की जाएगी.

 

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