पटना. गलवान हिंसा में शहीद हुए जय किशोर सिंह के पिता की पुलिस पिटाई और गिरफ्तारी को लेकर बिहार में सियासी बवाल मच गया है. विधानसभा में इस मुद्दे को उठाकर बीजेपी ने नीतीश सरकार पर जमकर निशाना साधा. उधर, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भी इस मुद्दे पर सीएम नीतीश कुमार से फोन पर बात कर नाराजगी जताई है. उन्होंने शहीद के पिता के साथ हुई कथित पुलिस बर्बरता पर नीतीश कुमार से पूरे मामले की जानकारी ली.
राजकपूर सिंह ने अपने शहीद बेटे जय किशोर सिंह के लिए बिहार के वैशाली के काजरी बुजुर्ग गांव में उनके घर के सामने स्थित सरकारी जमीन पर स्मारक बनवाया था. स्मारक के निर्माण का विरोध करते हुए कुछ लोगों ने बिहार के वैशाली के जंदाहा थाने में पुलिस में शिकायत दर्ज करायी. पुलिस ने शहीद के पिता को न सिर्फ बुरी तरह पीटा, बल्कि गिरफ्तार भी किया.
नीतीश सरकार की ओर से कहा गया है कि जानकारी के अनुसार हरिनाथ राम, पिता स्व० रामदेव राम, ग्राम-कजरी बुजुर्ग, थाना- जन्दाहाके द्वारा गलवान घाटी के शहीद जयकिशोर सिंह के पिता राजकपूर सिंह परवर्ष 2019 में तथा पुनः दिनांक 23.01.2023 में प्राथमिकी दर्ज की गई । कथित दुर्व्यवहार की घटना को लेकर सरकार पूरी तरह संवेदनशील है और पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए सभी पहलुओं पर जाँच करने का निर्देश दिया है। इसमें अगर कोई पुलिस पदाधिकारी या कर्मी दोषी पाया जायेगा तो उस पर कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जायेगी।
उधर, विधानसभा में बीजेपी विधायकों ने इस मुद्दे को जोर-शोर से उठाया. इतना ही नहीं बीजेपी ने नीतीश कुमार सरकार पर निशाना साधते हुए माफी की मांग की. बीजेपी विधायकों ने हाथों में बैनर और पोस्टर लेकर विधानसभा के बाहर विरोध प्रदर्शन किया और नारेबाजी की. भाजपा ने राज्य सरकार पर शहीद के पिता को अपमानित करने का आरोप लगाया.



हालांकि राजनाथ सिंह के नीतीश को फोन करने के पहले ही बिहार सरकर ने इस मुद्दे पर जांच का आदेश दे दिया है. राज्य सरकार की ओर से कहा गया कि गलवान घाटी के शहीद स्व० जय किशोर सिंह के पिता राजकपूर सिंह से संबंधित मामले पर सरकार गंभीर, दोषियों पर होगी कार्रवाई राज्य सरकार को गलवान घाटी के शहीद स्व० जय किशोर सिंह के पिता राजकपूर सिंह, गांव-कजरी बुजुर्ग, थाना- जन्दाहा, जिला – वैशाली को अतिक्रमण एवं अन्य मामले में जेल भेजे जाने के क्रम में कथित दुर्व्यवहार की जानकारी प्राप्त हुई है। सरकार ने इसे गंभीरता से लेते हुए उच्चस्तरीय जाँच दल गठित कर अति शीघ्र जाँच कार्य संपन्न करते हुए अग्रेतर कार्रवाई करने का निर्देश दिया है.