मोतिहारी श’राबकांड: दिल्ली से मंगाई थी स्पि’रिट, टांसपोर्ट कंपनी ने निभाई अहम भूमिका

मोतिहारी:बिहार के पूर्वी चंपारण जिले में हुई जहरीली शराब कांड में पुलिस ने अवैध शराब करने वाले दो स्थानीय धंधेबाजों को गिरफ्तार किया है। धंधेबाज अजय कुमार यादव व ललन यादव की गिरफ्तारी कोटवा थाना क्षेत्र के दीपऊ स्थित उनके गांव से की गई है।पुलिस के हत्थे चढ़े दोनों धंधेबाजों ने बताया है कि जिले के तुरकौलिया, पहाड़पुर, हरसिद्धि, सुगौली व रघुनाथपुर ओपी क्षेत्र में जो कच्ची शराब बिकी, उसे तैयार करने के लिए दिल्ली से ट्रांसपोर्ट कंपनी के जरिए स्पिरिट मंगाई गई थी।

कप्तान कोहली के साथ टीम इंडिया के खिलाड़ी (एपी फोटो)पुलिस अधीक्षक कांतेश कुमार कुमार मिश्र ने बताया है कि गिरफ्तार दोनों शराब के धंधेबाजों की गिफ्तारी जिला पुलिस और उत्पाद विभाग की विशेष टीम ने की है। पकड़े गए लोगों के खिलाफ पहले से भी अवैध शराब के कारोबार का मामला दर्ज है। पुलिस द्वारा की गई पूछताछ में धंधेबाजों ने मोतिहारी के हेनरी बाजार की ट्रांसपोर्ट कंपनी का नाम बताया है, जिसके माध्यम से स्पिरिट मंगाई गई थी।अब विशेष टीम संबंधित ट्रांसपोर्ट एजेंसी का सत्यापन करने के साथ-साथ उसके संचालक की खोज कर रही है। ट्रांसपोर्ट कंपनी के संचालक के पकड़े जाने के बाद यह भी साफ हो जाएगा कि स्पिरिट दिल्ली में कहां से, किसने और किसके लिए बुक की थी।

14 अप्रैल से शुरू हुआ मौत का सिलसिला, अबतक 39 की गई जान

बता दें कि 14 अप्रैल को जिले के तुरकौलिया थाना क्षेत्र की रघुनाथपुर ओपी से कच्ची शराब के जहरीली होने के बाद लोगों के मरने का सिलसिला शुरू हुआ था। देखते ही देखते रघुनाथपुर ओपी के बाद जहरीली शराब की गिरफ्त में आकर तुरकौलिया थाना क्षेत्र के अलावा सुगौली, हरसिद्धि, पहाड़पुर व पीपराकोठी थाना क्षेत्र के दर्जनों लोगों की मौत असमय हो गई थी।

अबतक 39 लोगों की मौत हो चुकी है। वहीं, 10 लोगों की आंखों की रोशनी भी जा चुकी है। मामले में पुलिस ने संबंधित थानों में प्राथमिकी दर्ज करने के बाद अबतक कुल सात लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेजा है। हालांकि, अभी भी मुख्य धंधेबाज की गिरफ्तारी होनी शेष है। अबतक पकड़े लोग स्थानीय धंधेबाज हैं, जो गांवों में चोरी-छिपे शराब बेचते हैं। उन लोगों की तलाश हो रही है, जो जिले के धंधेबाजों को शराब बनाने के लिए स्पिरिट की आपूर्ति करते हैं।

सस्पेंड किए गए कई पुलिसकर्मी

उल्लेखनीय है कि 39 मौत के बाद पुलिस के वरीय अधिकारियों ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जिले के पांच थानाध्यक्षों के अलावा एंटी लीकर टास्क फोर्स (एलटीएफ) के एक दारोगा, दो एएसआइ और नौ चौकीदारों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया था। सभी संबंधित पांच थानों में नए थानाध्यक्षों की तैनाती की गई थी। इसी के साथ पुलिस की ओर से लोगों के बीच जागरूकता अभियान शुरू किया गया है।

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