कैंसर सर्वाइवर्स दिवस पर 60 से भी ज्यादा कैंसर विजेताओं को मेदांता हॉस्पिटल ने किया सम्मानित

पटना : कैंसर की बीमारी अब लाइलाज नहीं रही। अगर समय पर इसकी पहचान हो जाए और समुचित इलाज की व्यवस्था हो तो इस बीमारी पर पूरी तरह से काबू पाया जा सकता है। कैंसर की जंग में मरीज जीत हासिल कर सकता है, इसके लिए चिकित्सकों का सही मार्गदर्शन एवं मरीजों की दृढ़ इच्छाशक्ति होना बहुत जरूरी है। ये बातें कैंसर सर्वाइवर्स दिवस के अवसर पर जयप्रभा मेदांता हॉस्पिटल में आयोजित एक समारोह में अस्पताल के मेडिकल निदेशक डॉ. रवि शंकर सिंह ने कहीं। इस अवसर पर लगभग 60 से भी ज्यादा कैंसर मरीज ने समारोह में भाग लिया। कैंसर से लड़कर जीतने वाले विजेताओं को अस्पताल प्रशासन की ओर से सम्मानित कर जीवन में आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया गया। इस मौके डॉ. रवि शंकर सिंह ने कहा कि चिकित्सकों द्वारा बताए गए उपचार पर अमल करने से कई मरीजों ने कैंसर पर काबू पाया है। इन मरीजों का इलाज जयप्रभा – मेदांता हॉस्पिटल में किया गया है।

ट्यूमर बोर्ड 
कैंसर से जूझ रहे मरीजों को बेहतर इलाज के लिए हॉस्पिटल की ओर से ट्यूमर बोर्ड का गठन किया गया है।इस ट्यूमर बोर्ड के माध्यम से कैंसर से पीड़ित मरीज मेदांता अस्पताल के कैंसर विशेषज्ञों से सलाह ले सकेंगे। इस ट्यूमर बोर्ड के माध्यम से राज्य के कोने-कोने से आने वाले कैंसर मरीजों को बेहतर से बेहतर चिकित्सा सुविधा देने का प्रयास किया जाएगा। मालूम हो कि राज्य में कैंसर के मरीजों में लगातार वृद्धि देखी जा रही है। उन मरीजों को चिकित्सा सुविधा मुहैया कराने के लिए जयप्रभा – मेदांता सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल ने विशेषज्ञों की टीम का गठन किया है।

चिकित्सकों की कोशिश है कि राज्य के कोने-कोने से आने वाले कैंसर मरीजों को बेहतर से बेहतर चिकित्सा सुविधा प्रदान की जाए, जिससे उन्हें समय रहते इलाज कर नया जीवन प्रदान किया जाए। तभी स्वस्थ बिहार एवं स्वस्थ भारत की कल्पना की जा सकती हैं। ट्यूमर बोर्ड में शामिल होने वाले प्रमुख चिकित्सक डा. राजीव रंजन प्रसाद, निदेशक, रेडिएशन ऑन्कोलॉजी, मेदांता कैंसर इंस्टीच्यूट, डा. संदीप कुमार, एसोसिएट डायरेक्टर सर्जिकल ऑन्कोलॉजी जीआइ एण्ड गायनोकोलोजी, डा. अमित कुमार, सीनियर कंसल्टेंट, मेडिकल ऑन्कोलॉजी एण्ड बोन मैरो टांसप्लांट, डा. अमरेन्द्र कुमार सीनियर कंसल्टेंट, सीनियर कंसल्टेंट, मेडिकल ऑन्कोलॉजी एण्ड बोन मैरो टांसप्लांट, डा. सरिता शर्मा, सीनियर कंसल्टेंट, गायनोकोलोजी, डा. निहारिका राय, सीनियर कंसल्टेंट, ब्रेस्ट सर्विस, डा. रविश्वर नारायण कंसल्टेंट न्यूक्लीयर मेडिसीन, मेदांता कैंसर इंस्टीच्यूट हैं।

\ट्यूमर बोर्ड क्या है? कैंसर के उपचार में ट्यूमर बोर्ड की भूमिका कितनी प्रभावी है ?
ट्यूमर बोर्ड एक उपचार दृष्टिकोण है, जहां कई विषयों के डॉक्टर मिलकर उचित उपचार के तरीके पर पहुंचने के लिए कैंसर की समीक्षा करते हैं। ट्यूमर बोर्ड में रेडिएशन ऑन्कोलॉजिस्ट, मेडिकल ऑन्कोलॉजिस्ट, सर्जिकल ऑन्कोलॉजिस्ट, हीमेटो ऑन्कोलॉजिस्ट, रेडियोलॉजिस्ट, पैथोलॉजिस्ट और अन्य विशेषज्ञ शामिल हो सकते हैं। ट्यूमर बोर्ड का प्राथमिक लक्ष्य सहभागी डॉक्टरों के अनुभवों के अदान-प्रदान के जरिए रोगियों की बेहतर केयर करना है। मेदांता कैंसर इंस्टीट्यूट में वीकली ट्यूमर बोर्ड आयोजित किया जाता है, जिसमें मेदांता के कैंसर एक्स्पर्ट्स शामिल होते हैं।

ट्यूमर बोर्ड के लाभ:
प्रारंभिक निदान तक पहुंचने में मदद करता है।
सटीक निदान में मदद करता है।
उपचार योजना की सटीक दिशा तय करने में मदद करता है।
पेशेंट को स्टैंडर्ड पाथवे और प्रोटोकॉल पर आधारित ट्रीटमेंट की सिफारिश करता है।

कैंसर के उपचार में बहु – अनुशासनात्मक दृष्टिकोण कैसे मदद करता है ?
प्रभावी कैंसर केयर के लिए बहु- अनुशासनात्मक दृष्टिकोण जरूरी होता है, जिसमें सर्जिकल ओन्कोलॉजिस्ट, मेडिकल ओन्कोलॉजिस्ट और रेडिएशन ओन्कोलॉजिस्ट चर्चा करके हर मामले के प्रबंधन का बेहतर तरीका तय करते हैं। उपचार में चिकित्सा विशेषज्ञों के साथ ही स्टैंडर्ड क्लिनिकल प्रोटोकॉल और परहेज भी बहुत महत्वपूर्ण है. ये प्रोटोकॉल भारत और दुनियाभर में हजारों कैंसर के मामलों के उपचार के बाद एकत्र किए गए सबूतों के आधार पर विकसित किए गए हैं।

मेदांता ट्यूमर बोर्ड क्या है ?
मेदांता भारत के उन चुनिंदा हॉस्पिटल्स में शामिल है, जहां वीकली ट्यूमर बोर्ड आयोजित किया जाता है, जिसमें ओन्कोलॉजी टीम विशिष्ट मामलों के निदान और उपचार योजना के साथ- साथ सटीक कैंसर केयर सुनिश्चित करने के लिए परिणामों और प्रोग्रेस की समीक्षा करती है।

क्या ट्यूमर बोर्ड सभी मामलों की समीक्षा करता है ?
रोजाना आने वाले नए मामलों की समीक्षा तो इंटरनल ट्यूमर बोर्ड करता है लेकिन कठिन और जटिल मामलों की समीक्षा वीकली मेदांता ट्यूमर बोर्ड में की जाती है। डॉक्टरों द्वारा पेशेंट की विस्तृत जानकारी और स्टैंडर्ड प्रोटोकॉल के अनुसार सर्वोत्तम संभव उपचार की सलाह दी जाती है।

मेदांता समूह की सर्वोच्च प्राथमिकता है मरीजों को स्वस्थ जीवन प्रदान करना इसलिए मेदांता अस्पताल बिहार के मरीजों के बेहतर इलाज के लिए हर संभव प्रयास कर रहा है। चाहे जागरूकता का मामला हो या इलाज का, स्वस्थ समाज का निर्माण करने के लिए जयप्रभा – मेदांता हर संभव प्रयास कर रहा है ।

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