बिहार में कोरोना काल जैसे हालात! अंतिम संस्कार के लिए कम पड़ रही लकड़ियां

आरा : आरा में पिछले एक सप्ताह से भीषण गर्मी ने जमकर कहर ढाया है. भीषण गर्मी और लू की चपेट में आने से कई लोगों की मौत हो चुकी है. श्मशान घाटों पर शव जलाने के लिए लकड़िया भी कम पड़ गई है. हालात देख कर कोरोना काल के यादें ताजा हो जा रही है. अस्पतालों में लगातार लू के मरीज पहुंच रहे हैं. लकड़ी दुकानदार की माने तो दो तीन दिनों के अंदर सैकड़ों लोगों की मौत हुई है. जिसके चलते श्मशान घाट पर शव जलाने के लिए लकड़ी कम पड़ जा रही है. हालांकि अधिकारिक तौर पर हीट स्ट्रोक से मरने वालों की संख्या 5 बताई जा रही है.

arrah newsअस्पताल में लग रही मरीजों की भीड़

वहीं, मामले को लेकर हमारे संवाददाता ने श्मसान घाट का जायजा लिया. जहां घाट पर तैनात कर्मी ने भी बेतहाशा मौत होने की बात कही है. वहीं, मामले को लेकर सदर अस्पताल में तैनात डॉक्टर ऋषि ने बताया कि हर दिन 15 से 20 लोगों की मौत लू से हो रही है. लू की चपेट में आने से सदर अस्पताल सहित कई अस्पतालों में हर दिन 40 से 50 मरीज इलाज कराने के लिए आ रहे हैं.

शवों की लगी लाइनें

महुली गंगा घाट का नजारा ऐसा है कि यहां एक चिता की आग अभी बुझती भी नहीं कि दूसरी चिता को आग लगाने का सिलसिला शुरू हो जाता है. महुली घाट पर शव जलाने वाले कर्मी का कहना है कि पिछले 7 दिनों से हम लाश जलाते-जलाते परेशान हो गए है. चार या पांच शव एक साथ जलाने की जगह है, यहां चार शव जलते हैं तो चार शव लाइन में रुके रहते हैं. ये एक भयावह मंजर है. जैसे ही दूसरे चार शवों को जलाने में जुटते हैं तब तक चार या पांच शव और आ जाते हैं. भोजपुर में तापमान करीब 45 डिग्री तक पहुंच गया है और आग की गोले की तरह बह रही गर्म हवा ने लोगों का जीना मुहाल कर दिया है.

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