नालंदा ; बिहार के बिहारशरीफ में एक शख्स का अंतिम संस्कार किए जाने से रोकने का मामला सामने आया है। इस मामले में स्थानीय लोगों और पुलिस के बीच नोकझोंक भी हुई है। इसके साथ ही नालंदा से जदयू के सांसद पर दाह संस्कार रोकने का आरोप लगाया गया है।हालांकि, जदयू सांसद ने अपने ऊपर लगे आरोपों को निराधार बताया है। उन्होंने कहा कि मैंने किसी की जमीन नहीं कब्जाई है। सोहसराय थाना क्षेत्र इलाके के आशानगर इलाके में बीती रात शव जलाने को लेकर स्थानीय और पुलिस के बीच नोकझोंक हो गई।
कई घंटों तक पुलिस और स्थानीय लोगों के द्वारा आशानगर में शव जलाने को लेकर विवाद होता रहा। बता दें कि आशानगर के रहने वाले कृष्णा पासवान की मौत लू लगने से हो गई थी। अत्यंत गरीब होने के कारण कृष्णा पासवान का दाह संस्कार प्रसिद्ध श्मशान घाट पर नहीं किया जा सका। इसके कारण स्थानीय लोगों ने किसी तरह से चंदा इकट्ठा किया और आशानगर इलाके के ही पुराने श्मशान घाट पर अंतिम संस्कार करने के लिए इकट्ठा हुए। स्थानीय मोहल्लावासियों ने जेडीयू सांसद कौशलेंद्र कुमार के ऊपर शव दाह संस्कार रोकने का गंभीर आरोप लगाया है।
जदयू सांसद पर लगाया गंभीर आरोप
आशानगर स्थित शमशान घाट के किनारे पुरखों के जमाने से दाह संस्कार किया जा रहा है, लेकिन वर्तमान समय में इस इलाके में घनी आबादी होने के कारण कभी-कभी दाह संस्कार किया जाता है। स्थानीय लोगों ने कहा कि जेडीयू सांसद के इशारे पर ही सोहसराय पुलिस की मदद से आशानगर स्थित श्मशान घाट पर दाह संस्कार करने से रोका गया था।
ये भाजपा का साजिश: कौशलेंद्र कुमार
वहीं, इस घटना को लेकर नालंदा सांसद कौशलेंद्र कुमार ने अपने ऊपर लगे आरोपों को निराधार बताया है। उन्होंने कहा कि राजनीति के चलते बीजेपी के लोग नाम खराब करने की कोशिश कर रहे हैं। हमारे ऊपर श्मशान घाट को कब्जा करने का भी झूठा आरोप लगाया गया है। मैं बीजेपी के लोगों को खुली चुनौती देता हूं कि अगर हमने 1 इंच भी किसी की जमीन कब्जा की है तो हमारे आवास पर बुलडोजर चलाकर मकान को ध्वस्त कर दें।

