पूर्णिया: पूर्णिया के युवाओं में प्रतिभा की कोई कमी नही हैं. यही कारण है कि यहां के युवाओं ने अलग-अलग क्षेत्र में अपना लोहा मनवाया है. इसी कड़ी में आपको आज हम बताते हैं एक ऐसे बेबस और बेसहारा लड़के की कहानी, जिसे पढ़ाई की उम्र में परिवार की जिम्मेदारी उठानी पड़ी. लेकिन अब वह अपने बचपन के सपनों को साकार करने में जुटा है. रैप सिंगिंग के माध्यम से अल्ताफ अपने बचपन के सपने को पूरा कर रहे हैं. इस काम में उन्हें लोगों की सराहना भी मिल रही है.
पिता के मरने के बाद छूट गई पढ़ाई
पूर्णिया के अल्ताफ मेड्डी के पिता की तीन वर्ष पूर्व मौत हो गई थी. पिता की असमय मौत हो जाने के कारण उन्होंने मैट्रिक के बाद पढ़ाई छोड़ दी. अल्ताफ कहते हैं कि पिता की मौत के बाद वे पूरी तरह से बेसहारा हो गए. आर्थिक तंगी जैसी अन्य दिक्कतें शुरू हो गईं. इस कारण पढ़ाई रोककर घर की जिम्मेदारियों का बोझ उठाना शुरू कर दिया. वह मां और दो छोटी बहनों की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं.
बचपन से था गाने का शौक
पूर्णिया के माधोपारा निवासी अल्ताफ कहते हैं कि उन्हें गाना गाने का शौक बचपन से ही रहा है. वह गाने में ज्यादा रुचि रखते हैं. कहते हैं कि वह कई तरह की हिंदी फिल्मों के गानों पर अपना गाना बनाते हैं और सोशल मीडिया पर भी डाला करते हैं. इस बीच उनके मन में अचानक ख्याल आया और उन्होंने डेढ़ माह पहले पूर्णिया के लिए एक रैप सॉन्ग तैयार किया. इसके बाद उसे सोशल मीडिया एवं अन्य चैनलों पर डाल दिया गया. इसे लोग खूब पसंद कर रहे हैं. अल्ताफ कहते हैं कि उनका सपना सिंगिंग की दुनिया में करियर बनाने का है.



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