बिहार : बिहार में भीषण गर्मी के बीच मौसम ने अचानक करवट ले ली है। राज्य में प्री-मानसून गतिविधियां तेज हो गई हैं, जिसके कारण आंधी, बारिश और वज्रपात का खतरा बढ़ गया है। मौसम विभाग ने 16 मई से 17 मई तक पूरे बिहार के लिए अलर्ट जारी किया है। लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।मौसम विभाग ने राज्य के 16 जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इन जिलों में 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। कई जगहों पर पेड़ गिरने और बिजली आपूर्ति प्रभावित होने की आशंका भी जताई गई है।

कौन से जिले के लिए जारी किए गए ऑरेंज अलर्ट
ऑरेंज अलर्ट वाले जिलों में पश्चिम चंपारण, पूर्वी चंपारण, गोपालगंज, सीवान, सारण, भोजपुर, बक्सर, कैमूर, रोहतास, अरवल, औरंगाबाद, खगड़िया, मुंगेर, भागलपुर, बांका और जमुई शामिल हैं।इसके अलावा राज्य के बाकी 22 जिलों में यलो अलर्ट जारी किया गया है। इन इलाकों में मध्यम बारिश, तेज हवा और वज्रपात की संभावना है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि बंगाल की खाड़ी से लगातार नमी आने की वजह से बिहार में प्री-मानसून गतिविधियां तेजी से बढ़ रही हैं। इसका असर अगले कुछ दिनों तक बना रह सकता है।

कई जिलों में गर्मी अभी भी बनी हुई
मौसम बदलने के बावजूद कई जिलों में गर्मी अभी भी बनी हुई है। भभुआ राज्य का सबसे गर्म शहर रहा, जहां तापमान 41.3 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। डेहरी में 40.6 डिग्री और पटना में 37.1 डिग्री तापमान दर्ज किया गया। हालांकि बारिश और बादलों की वजह से लोगों को लू से राहत मिलने की उम्मीद है, लेकिन उमस बढ़ सकती है। मौसम विभाग के अनुसार अगले दो से तीन दिनों में तापमान में ज्यादा गिरावट की संभावना नहीं है।इस बीच बिहार के लिए राहत की खबर यह है कि इस बार मॉनसून सामान्य समय से पहले पहुंच सकता है। आमतौर पर बिहार में मॉनसून 12 से 15 जून के बीच आता है, लेकिन इस बार इसके 8 से 10 जून के बीच पहुंचने की संभावना जताई गई है।

मॉनसून कब पहुंचेगा केरल?
मौसम विभाग के अनुसार मॉनसून 26 मई तक केरल पहुंच सकता है, जो सामान्य समय से करीब पांच दिन पहले होगा। इसका असर बिहार समेत पूर्वी भारत के कई राज्यों में देखने को मिलेगा। मौसम विभाग ने खराब मौसम के दौरान लोगों को सावधान रहने की सलाह दी है। खुले मैदान, पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहने को कहा गया है। वज्रपात के समय लोगों को घर के अंदर सुरक्षित रहने की सलाह दी गई है। किसानों को भी चेतावनी दी गई है कि मौसम खराब होते ही खेतों से सुरक्षित स्थान पर लौट जाएं। साथ ही कटी हुई फसलों को तिरपाल से ढकने को कहा गया है ताकि बारिश और तेज हवा से नुकसान न हो।
