गया में ‘हैप्पी वाला मानसून’, लगातार बारिश से मौसम हुआ ठंडा-ठंडा, कूल-कूल, जानें अपडेट

गया: बिहार में पूरी तरह मानसून की एंट्री हो चुकी है. कई जिलों में झमाझम बारिश देखने को मिल रही है. गया जिले में भी गुरुवार से ही लगातार बारिश हो रही है. जिससे गया वासियों को भीषण गर्मी से राहत मिली है. 1 सप्ताह पूर्व तक पूरे गया जिले के लोग भीषण गर्मी और लू से परेशान थे. गया का तापमान 45 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया था, लेकिन मानसून के एंट्री होने के बाद जिले में पिछले 24 घंटे से लगातार झमाझम बारिश से लोगों को काफी राहत मिली है.

Monsoon Update: गया में 'हैप्पी वाला मानसून', लगातार बारिश से मौसम हुआ ठंडा- ठंडा, कूल-कूल, जानें अपडेट - Monsoon in gaya 24 hours of rain made weather  cool temperature falls by 15 degree –24 घंटे की बारिश से तापमान में भारी गिरावट
24 घंटे से हो रही लगातार बारिश के कारण गया जिले के तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई है. शुक्रवार को अधिकतम तापमान 30 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है. मौसम विभाग की मानें तो अगले 3 दिनों तक जिले में इसी तरह का मौसम बना रहेगा. जिले में छिटपुट बारिश होती रहेगी.

गया एयरपोर्ट के मौसम वैज्ञानिक एसके पटेल ने जानकारी देते हुए बताया कि 2 जुलाई तक गया का मौसम इसी तरह बना रहेगा और आसमान में बादल छाए रहेंगे. छिटपुट बारिश होती रहेगी. कुछ जगहों पर वज्रपात की भी संभावना है. पिछले 24 घंटे में गया जिले में 14 एमएम बारिश रिकॉर्ड हुई है. कुछ जगह पर वज्रपात भी देखने को मिला है. जिसके कारण एक व्यक्ति की मृत्यु भी हो चुकी है.किसानों की मायूसी कुछ हद तक दूर
मानसून की पहली बारिश ने किसानों की मायूसी को भी दूर किया है. किसान अपने खेतों में धान का बिचड़ा बोने में जुट गए हैं. गौरतलब हो कि 1 सप्ताह पूर्व तक जिले में सिर्फ 13% धान के बचड़ा की बुवाई हुई थी, लेकिन 1 सप्ताह के अंदर इसके प्रतिशत में काफी वृद्धि हुई है. जिले के लगभग सभी प्रखंडों में किसान धान की बुवाई में जुट गए हैं. कई जगहों पर वाटर लेवल नहीं होने के कारण किसानों को परेशानी भी हो रही है. लोग जैसे-तैसे अपने खेतों में पानी पहुंचा कर धान की बुवाई कर रहे हैं, ताकि सही समय पर धान की रोपाई हो सके. पिछले 24 घंटे से हो रही झमाझम बारिश ने किसानों की मायूसी को कुछ हद तक दूर किया है. किसान उम्मीद लगाए बैठे हैं कि इस वर्ष बेहतर बारिश हो ताकि धान का पैदावार बढ़िया हो सके.

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