बिहार : पिछले कुछ दिनों से चर्चा में रहे जदयू से राज्यसभा सांसद और उपसभापति हरिवंश ने सीएम नीतीश कुमार से मुलाकात की। मंगलवार शाम को एक अणे मार्ग स्थित सीएम आवास पर पहुंचे और करीब डेढ़ घंटे तक मुख्यमंत्री से बातचीत की। इसके बाद उपसभापति रांची रवाना हो गए। इस अहम मीटिंग के बाद बिहार में सियासी सरगर्मी तेज हो गई है। महागठबंधन की पार्टी और भाजपा के बीच बयानबाजी का दौर भी शुरू हो गया है।

हरिवंश के इस कदम से खफा हो गए थे जदयू नेता
दरअसल, जबसे नीतीश कुमार एनडीए का दामन छोड़कर महागठबंधन में आए हैं तब से ही यह कयास लगाए जा रहे थे कि हरिवंश राज्यसभा के उपसभापति के पद से इस्तीफा दे देंगे। लेकिन जब ऐसा नहीं हुआ तो उन्हें सियासी अटकलें तेज हो गई। इसके बाद जब नए संसद भवन के उद्घाटन समारोह में सारे विपक्षी दलों ने विरोध कर दिया तो भी हरिवंश वहां पहुंचे थे। महागठबंधन के नेता समेत जदयू के भी कई नेता हरिवंश के इस कदम से खफा हो गए। कई नेता तो राज्यसभा के उपसभापति के पद से इस्तीफा देने की मांग करने लगे। लेकिन ऐसा नहीं हुआ।
अब तक हरिवंश को पार्टी से निष्कासित क्यों नहीं गया?
विपक्षी एकता की बैठक से पहले आम आदमी पार्टी के सदस्य विकास कुमार ज्योति ने कहा था कि जदयू के वरिष्ठ नेता हरिवंश राज्यसभा के उपसभापति बने हुए हैं। अगर नीतीश कुमार पूरी तरह भाजपा से अलग हो चुके हैं तो अब तक हरिवंश को पार्टी से निष्कासित क्यों नहीं गया? इसका मतलब है कि अप्रत्यक्ष रूप से वह भाजपा से जुड़े हैं। नीतीश कुमार फिर पलटी मार सकते हैं।

नीतीश कुमार और हरिवंश के बीच राजनीतिक फैसला बढ़ने की चर्चा थी
वहीं राजनीतिक पंडितों की मानें तो हरिवंश उन दिनों से सीएम नीतीश कुमार के करीबी रहे हैं जब वह एक अखबार के संपादक हुआ करते थे। 2014 में नीतीश कुमार ने उन्हें राज्यसभा भेजा। इसके बाद उन्हें राज्यसभा का उपसभापति चुन लिया गया। कहा यह भी जाता है हरिवंश को सभापति कुर्सी पर बैठाने में सीएम नीतीश कुमार का योगदान काफी अहम रहा था। हालांकि चर्चा यह भी है कि एनडीए से अलग होने के बाद नीतीश कुमार और हरिवंश के बीच राजनीतिक फैसला बढ़ गया था। खासकर जबसे हरिवंश दिल्ली में नए संसद भवन के उद्घाटन समारोह में गए थे। इस पर जदयू ने भी कड़ी नाराजगी जताई थी।

सांसद के तौर पर नीतीश कुमार से मुलाकात करने गए थे
राजद के वरीय नेता और पूर्व मंत्री श्याम रजक ने कहा कि हरिवंश जी को कुछ लोग भाजपा वाले कह रहे हैं। मुझे लगता यह गलत है। वह समाजवादी आंदोलन से निकले। और चंद्रशेखर जी के दत्तक पुत्र के तरह रहे हैं। वह सांसद बनकर नीतीश कुमार से मुलाकात करने गए थे। उनके राजनीतिक संबंध और व्यक्तिगज संबंध अलग-अलग हैं।

कहीं सच तो नहीं होने वाली है चिराग की भविष्यवाणी
लोजपा (रामविलास) के प्रमुख चिराग पासवान ने दो दिन पहले ही दावा किया था कि जल्द ही महागठबंधन की सरकार टूट सकती है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की पार्टी के कई विधायक और सांसद NDA के संपर्क में है। चिराग पासवान ने कहा कि जिस तरह से मुख्यमंत्री अपने विधायक और सांसदों से मुलाकात कर रहे हैं, उससे यह स्पष्ट है कि उन्हें उनकी पार्टी टूटने का डर है। महाराष्ट्र में हाल के कुछ दिनों जिस तरह से राजनीतिक घटनाक्रम बदले हैं, उससे बिहार की सियासत में भी बदलाव के कयास लगाए जा रहे हैं।