डोमिसाइल नीति को लेकर नया अपडेट, नीतीश सरकार ने अब ये दी गारंटी

पटना: बिहार में शिक्षक नियुक्ति में डोमिसाइल हटाने को लेकर विवाद पैदा हो गया है। शिक्षक अभ्यर्थी इसका पुरजोर विरोध कर रहे हैं। इस बीच मुख्य सचिव आमिर सुबहानी मीडिया के सामने आए। उन्होंने कहा कि देश के संविधान में किए गए प्रविधानों के अनुसार किसी भी नागरिक को उसके जन्म स्थान निवास के आधार पर अधिकार से वंचित नहीं किया जा सकता। इस दौरान आमिर सुबहानी ने शिक्षा मंत्री के उस बयान को भी खारिज किया कि बिहार में गणित और विज्ञान के शिक्षकों की कमी है।

Bihar Teacher News डोमिसाइल नीति को लेकर नया अपडेट नीतीश सरकार ने अब ये दी  गारंटी : bihar domicile policy controversy nitish government new guaranteeबिहार के मुख्य सचिव आमिर सुबहानी ने शिक्षा मंत्री चंद्रशेखर के दावों को खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि राज्य में गणित और विज्ञान की शिक्षकों की कोई कमी नहीं है। देश के संविधान में किए गए प्रविधानों के अनुसार किसी भी नागरिक को उसके जन्म स्थान, निवास के आधार पर अधिकार से वंचित नहीं किया जा सकता है। डोमिसाइल विवाद पर मुख्य सचिव सुबहानी और शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव केके पाठक ने प्रेस कॉन्फ्रेंस किया।
बिहार के मुख्य सचिव ने कानून का दिया हवाला

दरअसल, हाल ही में बिहार सरकार ने शिक्षक नियुक्ति नियमावली में संशोधन किया है। अब बिहार के स्थायी निवासी होने की शर्त हटाई दी गई। इस मुख्य सचिव ने इसके लिए संविधान के अनुच्छेद 16 की उपधारा का हवाला दिया।उन्होंने कहा कि अनुच्छेद कहता है कि देश के किसी भी नागरिक को केवल धर्म, मूल वंश, जाति, लिंग, जन्म स्थान के अलावा निवासी होने के आधार पर उसका अधिकार नहीं छीना जा सकता। ऐसा करना गैर कानूनी होगा। वैसे भी किसी भी अभ्यर्थी का किसी भी नौकरी में चयन उसकी प्रतिभा और मेरिट के आधार पर होता है।

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