जंगल से भटक कर रेलवे स्टेशन परिसर में पहुंचा बाघ, द’हाड़ सुनकर भाग खड़े हुए रेलकर्मी..

बगहा : बिहार के पश्चिम चंपारण जिले के बगहा इलाके में वाल्मीकि टाइगर रिज़र्व स्थित है. इस टाइगर रिजर्व में काफी संख्या में बाघ मौजुद हैं. जिसके चलते आए दिन टाइगर रिजर्व से बाघ इधर-उधर भटककर रिहाईसी इलाकों में भटककर आ जाते हैं. रात के अंधेरे में कई बार बाघ को चहलकदमी करते हुए देखा गया है. जिसका वीडियो अक्सर सामने आते रहता है. अब वाल्मीकिनगर रोड रेलवे स्टेशन परिसर में बाघ के चहलकदमी का एक वीडियो सामने आया है.

Thumbnail imageवाल्मीकि नगर रेलवे स्टेशन परिसर में दिखा बाघ

बताया जा रहा है की स्टेशन परिसर में नव निर्मित पदाधिकारी आवास की चहारदीवारी पर तार में बाघ को दहाड़ते हुए देखा गया. बाघ को देखते ही रेल दोहरीकरण के कार्य में लगे कर्मी मौके से भाग खड़े हुए. इलाके में बाघ की चहलकदमी से कर्मियों में भय व्याप्त है. मुजफ्फरपुर-गोरखपुर रेलखंड पर रेल लाइन दोहरीकरण का कार्य तेज गति से चल रहा है. समय सीमा पर कार्य पूरा करने को लेकर कर्मी और मजदूर दिन रात कार्य कर रहे हैं.

बाघ के चहलकदमी में रेलकर्मियों में दहशत

रात में रेल लाइन दोहरीकरण कार्य में जुड़े कर्मी वाल्मीकीनगर रेलवे स्टेशन परिसर में बाघ को दहाड़ता देखा तो लोगों में दहशत मच गई. बताया जाता है कि स्टेशन परिसर में नव निर्मित अधिकारी आवास के चहारदीवारी पर देर रात एक बाघ को चहलकदमी करते हुए देखा. स्टेशन पर मौजूद कर्मियों और मजदूरों ने बाघ के चहलकदमी करते हुए देखते ही उसका वीडियो बना लिया. बता दें कि वाल्मीकीनगर रेलवे स्टेशन वाल्मीकी टाइगर रिजर्व जंगल से बिल्कुल सटा हुआ है.

स्टेशन के जंगल से सटे होने के कारण वन्य जीवों का आना सामान्य है. लेकिन बाघ की चहलकदमी से स्टेशन से सटे रेल लाइन के दोहरीकरण का कार्य करा रहे कर्मी, अधिकारी और मजदूर डर के मारे रात में कार्य करने से हिचकने लगे हैं. बताया जा रहा है कि बाघ जिस समय विचरण कर रहा था, उस समय भी रेल कर्मी और पदाधिकारी कार्य स्थल पर काम कर रहे थे. जब बाघ के दहाड़ने की आवाज सुनाई दी तो सभी भाग खड़े हुए. कार्यस्थल पर मैजुद लोगों को अब जान की सुरक्षा का डर सताने लगा है.

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