अनोखा है ‘सुहागिनों का मंदिर’, बूढ़ी माई के शरण में पहुंचते हैं बड़े-बड़े, लगता है विशेष मेला

वैशाली: वैशाली में एक ऐसा ही मंदिर है जहां नवविवाहित जोड़ा माता से आशीर्वाद लेने पहुंचती हैं, क्योंकि इस मंदिर में सुहागिनों का मेला लगता है. हाजीपुर के हरौली में स्थित माता की मंदिर पूरा सावन महीना गुलजार रहता है और महिलाएं एक दूसरे को सिंदूर लगा कर माता से अपने अपने सुहाग के रक्षा की प्रार्थना करती हैं.

नवविवाहित जोड़े को तो यहां आना अनिवार्य समझा जाता है शायद यही वजह है कि मेले में लगने वाले सभी दुकानों में सिंदूर की बिक्री अधिक होती है.माना जाता है कि यह मंदिर लगभग तीन सौ साल पुराना है और तभी से ही नवविवाहित जोड़ों को तो यहां आना अनिवार्य है. शायद यही वजह है इस मंदिर में महिलाएं एक दूसरे को सिंदूर लगती हैं.मान्यता है कि सावन के महीने में पूजा अर्चना कर एक दूसरे को सिंदूर लगाने से बूढ़ी माई महिलाओ के सुहाग की रक्षा करती हैं.

इससे दूरदराज से नवविवाहित जोड़े माता के दरबार में अपनी हाजिरी लगाने पहुंचते हैं.स्थानीय जानकर बताते हैं कि गंगा दशहरा से इस मेले और पूजा पाठ की शुरुआत होती है जो पूरा सावन चलता है. वैसे तो सालों पर इस मंदिर में मांगलिक कार्य होते रहते हैं, लेकिन सावन में यहाँ महिलाओ की अप्रत्याशित भीड़ होती है.

वहीं यहां पूजा करने वाली महिलाओं ने बताया कि सावन के महीने में महिलाएं यहां पूजा पाठ करने के बाद एक दूसरे को सिंदूर लगाती हैं, और एक दूसरे के सुहाग की रक्षा की कामना करती हैं.हाजीपुर लालगंज पथ के हरौली में स्थित बूढ़ी माता के मंदिर में सावन माह में पहुंचने की अद्भुत मान्यता के कारण यहां श्रद्धालुओं की काफी भीड़ पहुंचती है.

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