पटना : पिता के मरणोपरांत अनुकंपा पर बेटे को रेलवे की नौकरी मिली। आरोप है कि अब बेटे ने पत्नी के साथ मिलकर मां को दाने-दाने का मोहताज बना दिया। न तो खाने-पीने को देता है और न ही दवाई का खर्च उठता है। सात-आठ वर्षों से बेटे और बहू की प्रताड़ना झेल रहीं दीघा थानांतर्गत फेयरफील्ड कालोनी की रहने वाली बिंदु गुप्ता ने इस मामले में एफआइआर दर्ज कराई है। थानेदार राजकुमार पांडेय ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है।
आकस्मिक मृत्यु के लिए बेटे और बहू होंगे जिम्मेदार: बिंदु गुप्ता
पीड़ित बिंदु गुप्ता ने एफआइआर में यह भी लिखा है कि यदि उनकी आकस्मिक मृत्यु हो जाए तो इसके लिए बेटे और बहू जिम्मेदार होंगे। बिंदु गुप्ता ने आगे बताया कि उनके पति रामबाबू गुप्ता की मृत्यु के बाद बेटे आशीष गुप्ता ने रेलवे में नौकरी लेते वक्त सक्षम पदाधिकारी के समक्ष करार पर हस्ताक्षर किया था कि वह उनके भरण-पोषण का खर्च वहन करेगा।
बेटा अपने खाते में ट्रांसफर करा लेता है पेंशन की राशिहालांकि, आशीष ने उनकी पति की अलमारी से बैंक और पोस्ट ऑफिस से जुड़े सारे कागजात निकाल कर अपने पास रख लिए हैं। महिला का आरोप है कि कुछ दिनों तक सब ठीक चला, मगर अब उनका बेटा उन्हें खाने के लिए भी नहीं दे रहा है।
आरोप है कि उन्हें कई दिनों तक घर में कैद कर रखा गया। घर से निकलने के बाद वे पेंशन की राशि के बारे में पता करने बैंक गईं तो मालूम हुआ कि रकम आते आशीष उसे अपने खाते में ट्रांसफर करा लेता है। यह सिलसिला सात-आठ वर्षों से जारी है। उन्हें आशंका है कि बेटे-बहू उनकी हत्या कर उसे हादसा बताने की फिराक में हैं। इसके बाद वे पूरी जायदाद अपने नाम करा लेंगे।

