गया: बिहार के गया में गदालोल सरोवर प्रसिद्ध धार्मिक सरोवरों में से एक है. गयाजी में इसकी अपनी एक बड़ी महता है. इस सरोवर का जिक्र वायु पुराण में भी किया गया है. यहां की महत्ता कितनी है, इसका इसी से पता चलता है कि इसका जिक्र वायु पुराण में भी है. वायु पुराण में जिक्र के अनुसार हैती दैत्य को मारने के बाद भगवान विष्णु ने इसी गदालोल सरोवर में अपने गदा को धोया था. तब से इस सरोवर का नाम गदालोल सरोवर हुआ था. विष्णु नगरी गयाजी में गदालोल सरोवर की अपनी बड़ी धार्मिक महत्ता है.
जलकुंभी में तब्दील हुआ है सरोवर
लाखों श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़ा यह गदालोल सरोवर आज उपेक्षित है. यहां की कई धार्मिक पहचान संकट में है. यह तालाब आज जलकुंभी के रूप में तब्दील नजर आता है. भगवान विष्णु की कथाओं से जुड़े इस गदालोल सरवर को फिर से रूप में वापस लाने की जरूरत है.
पत्थर का बना गदा भी अतिक्रमण में छुप गया है
भगवान विष्णु ने हैती दैत्य को मारने के बाद यहां गदा धोया था. इसका जीवंत उदाहरण इस सरोवर के पास एक पत्थर की बड़ी गदा से भी है. हालांकि यह गदा आज अतिक्रमण से छुप गया है. वहीं तालाब के कई किनारों से अतिक्रमण शुरू हो गया है. इससे लाखों श्रद्धालुओं की आस्था को ठेस पहुंच रही है. जानकार बताते हैं कि गदालोल सरोवर की खूबसूरती और धार्मिक महत्ता आज संकट में है. जरूरत है इसे बचाने की, क्योंकि भगवान विष्णु की नगरी में यह साक्षात भगवान विष्णु से जुड़ी एक बड़ी कीर्ति के रूप में है. प्रमुख पिंडवेदियों में गदा लोल सरोवर की भी एक पहचान है.