बिहार : हौसला हर इंसान के पास एक ऐसी चीज है, जिसके सहारे सारी दुनिया जीती जा सकती है. कुछ करने का ठान लो तो फिर पीछे मत हटो. ऐसी है कहानी है बिहार की स्वाति की. इन्होंने शादी के 10 साल बाद बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) की ओर से होने वाली परीक्षा DPRO पास की है. आइए जानते हैं स्वाति की कहानी.
स्वाति ने 10वीं राष्ट्रीय मुक्ति शिक्षण संस्थान गया से पूरी की. 12वीं तक की पढ़ाई ज्ञान भारती स्कूल, गया से की. ग्रेजुएशन बीएआईपीएस अकादमी इंदौर से किया. पोस्ट ग्रेजुएशन देवी अहिल्या बाई विश्वविद्यालय इंदौर से मास कम्युनिकेशन एवं पत्रकारिता में किया. 2013 में स्वाति की शादी गया जिले के फतेहपुर नगर में हुई.

शादी के बाद से ही वह पति के साथ मुंबई में रहती हैं. पति शौरभ कुमार वहीं पर प्राइवेट जॉब करते हैं. साधारण घर की स्वाति ने कमीशन की परीक्षा में सफल होने का लक्ष्य तय किया था, जिसके लिए उन्होंने 2020 से फोकस होकर तैयारी शुरू की. सहायक निदेशक सह जिला जन संपर्क अधिकारी (DPRO) की परीक्षा में स्वाति की कामयाबी से उनका पूरा परिवार खुश है.
स्वाति ने विवाह के 10 वर्षों बाद परिवार के साथ पूरे जिले का नाम रौशन किया. स्वाति के पति कहते हैं कि उनकी पत्नी ने इस कामयाबी के लिए दिन-रात एक कर के मेहनत की. उन्होंने सिर्फ परीक्षा की तैयारी नहीं की, साथ में घर भी संभाला है. सभी ने उनकी हिम्मत भी बंधाई, जिसके हिस्से जितना आया, उतना स्वाति का साथ दिया. स्वाति ने कामयाब होकर सभी की मेहनत का फल दिया है.