पटना : बिहार की राजधानी पटना समेत पूरे प्रदेश में ट्रांसजेंडर समुदाय के लोगों के लिए जल्द ही पब्लिक टॉयलेट का निर्माण कराया जाएगा. दोस्ताना सफर की सचिव और मशहूर ट्रांसजेंडर एक्टिविस्ट रेशमा प्रसाद ने बताया कि पटना में शौचालय निर्माण के लिए नगर निगम को केंद्र सरकार द्वारा निर्देशित किया गया है. शौचालय निर्माण में देरी होने के कारण रेशमा ने नगर निगम से इस बारे में बातचीत भी की है. इसके बाद नगर निगम की ट्रांसजेंडर कम्युनिटी के लोगों के लिए जल्द ही शौचालयों के निर्माण की स्वीकृति मिल गई है.

ट्रांसजेंडर समुदाय (LGBTQIA+) लोगों के लिए राजधानी पटना सहित बिहार में लगभग 1,500 सार्वजनिक शौचालय का निर्माण कराया जा रहा है. केंद्र सरकार की ओर से इसके निर्माण का जिम्मा नगर निकायों को दिया गया है. पटना की बात करें तो फिलहाल जगहों को चिह्नित कर शौचालय निर्माण की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है. एक ट्रांस वूमन ने बताया कि ट्रांसजेंडर समुदाय के लोगों के लिए पटना के गांधी मैदान में ट्रांसजेंडर टॉयलेट बनाया गया है.
संरक्षण अधिनियम के तहत होगा निर्माण
ट्रांसजेंडर अधिकार संरक्षण अधिनियम के तहत ट्रांस लोगों के लिए पब्लिक टॉयलेट का निर्माण किया जाना है. बता दें कि भारत सरकार की ओर से ट्रांसजेंडर अधिकार संरक्षण अधिनियम 2019 के तहत सभी राज्य के नगर निकायों को ट्रांसजेंडर समुदाय के लोगों को समान सुविधा उपलब्ध कराने के मकसद से ट्रांसजेंडरों के लिए सार्वजनिक शौचालय के निर्माण का आदेश निर्गत किया गया था.इसके बावजूद राजधानी पटना और राज्य में अब तक सक्रियता से कार्य नहीं हुआ है. इस कारण ट्रांस समुदाय के लोगों के द्वारा इसके लिए कई बार पहल की गई. तब जाकर इसे स्वीकृत किया गया. अब राज्य भर में शौचालय निर्माण की प्रक्रिया शुरू हो गई है.
पब्लिक टॉयलेट के इस्तेमाल में होती है दिक्कत
ट्रांसजेंडर व्यक्तियों के लिए अलग से शौचालय नहीं होने से उन्हें बाहर शौच करने में परेशानियों का सामना करना पड़ता है. ट्रांसजेंडर कम्युनिटी के लिए काम करने वाली ट्रांस वुमन रानी तिवारी ने बताया कि महिला शौचालय में जाओ तो महिलाएं कहती हैं कि पुरुष शौचालय का इस्तेमाल कीजिए. वहीं पुरुष के शौचालय में जाने पर पुरुष कहते हैं कि महिला शौचालय में जाइए. ऐसे में समझ में नहीं आता था कि कहां जाएं. बता दें कि वर्ष 2011 में हुई जनगणना के अनुसार बिहार में ट्रांसजेंडर की संख्या 40,827 है.