बिहार : लोकसभा चुनाव 2024 से पहले कांग्रेस बिहार में अपने संगठन को मजबूत करने में जुट गई है। कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने 17 अगस्त को दिल्ली में प्रदेश पार्टी के नेताओं की बैठक बुलाई है। इसमें कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अखिलेश प्रसाद सिंह, प्रदेश प्रभारी भक्तचरण दास, विधायक दल के नेता शकील अहमद खान समेत करीब 35 बड़े नेता हिस्सा लेंगे। बैठक में आगामी लोकसभा चुनाव को लेकर राज्य में पार्टी की रणनीति पर चर्चा की जाएगी।
मल्लिकार्जुन खरगे लोकसभा चुनाव के मद्देनजर विभिन्न राज्यों की पार्टी इकाइयों के साथ बैठक कर रहे हैं। इसी क्रम में 17 अगस्त को बिहार इकाई के नेताओं की बैठक आयोजित की जाएगी। बताया जा रहा है कि बैठक के दौरान खरगे बिहार के नेताओं से राज्य में पार्टी की मौजूदा स्थिति और चुनाव की तैयारियों की समीक्षा करेंगे। कांग्रेस को राज्य में फिर से कैसे मजबूत किया जाए, इस पर चर्चा होगी। इसके अलावा प्रदेश नेताओं को गठबंधन के अन्य दलों से तालमेल बैठाने और आपसी फूट को दूर करने जैसे मुद्दों पर भी निर्देश दिए जा सकते हैं।
बता दें कि बिहार में कांग्रेस को आरजेडी की पिछलग्गू पार्टी माना जाता है। पिछले चुनाव में पार्टी महागठबंधन में रहते हुए 9 सीटों पर चुनाव लड़ी थी और सिर्फ एक किशनगंज पर जीत दर्ज करने में सफल हो पाई थी। हालांकि, महागठबंधन में शामिल अन्य सभी पार्टियां एक भी सीट नहीं जीत पाई थीं।
सीट बंटवारे और कैबिनेट विस्तार पर चर्चा संभव
मल्लिकार्जुन खरगे की अध्यक्षता में दिल्ली में होने वाली बिहार कांग्रेस के नेताओं की बैठक में सीट बंटवारे पर भी चर्चा संभव है। इंडिया गठबंधन में रहते हुए बिहार में कांग्रेस कितनी सीटों पर चुनाव लड़ने की मांग करेगी, इस पर विचार विमर्श किया जा सकता है। क्योंकि इंडिया गठबंधन की अगली बैठक मुंबई में होने वाली है, जिसमें देशभर के विपक्षी दलों के बीच सीट बंटवारे के फॉर्मूले पर चर्चा की जाएगी। दूसरी ओर, कांग्रेस नेता लंबे समय से महागठबंधन सरकार में दो मंत्री पद की मांग कर रहे हैं। दिल्ली में होने वाली बैठक में यह मुद्दा भी उठाया जा सकता है।