बिहार : बीजेपी नेता और राज्यसभा सांसद सुशील मोदी ने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की पुण्यतिथि पर दिल्ली में उनकी समाधि पर श्रद्धांजलि देने गए बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के वाजपेयी प्रेम पर तीखा हमला बोला है। सुशील मोदी ने कहा है कि नीतीश कुमार एक तरफ अटल बिहारी वाजपेयी और लालकृष्ण आडवाणी की तारीफ करते हैं तो दूसरी तरफ पीएम नरेंद्र मोदी का विरोध करते हैं। उन्होंने कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी की परंपरा को नरेंद्र मोदी आगे बढ़ा रहे हैं, जो अटल जी का समर्थन करते हैं उनको नरेंद्र मोदी का भी समर्थन करना होगा। नरेंद्र मोदी और अटल जी कोई अलग नहीं हैं।
सुशील मोदी ने कहा कि नीतीश कुमार नरेंद्र मोदी बनाम आडवाणी नरेंद्र मोदी बनाम अटल बिहारी करने का प्रयास करते हैं लेकिन इसमें वो कभी सफल नहीं होंगे। मोदी ने कहा कि जब वो वाजपेयी और आडवाणी की प्रशंसा करते हैं तो उनके मन में श्रद्धा कम, बीजेपी में विभाजन का प्रयास ज्यादा रहता है। उन्होंने कहा कि आडवाणी को जब पीएम कैंडिडेट बनाया गया था तो सबसे प्रबल विरोध करने वाले नीतीश थे और आज उनके सबसे बड़े समर्थक बन गए हैं। उन्होंने कहा कि नीतीश आज जो कुछ भी हैं उसमें भाजपा और अटल जी का सबसे बड़ा योगदान है। अटल जी का व्यक्तिव बहुत बड़ा था, दलों से ऊपर था, वो अजातशत्रु थे।
भाषण देने से नरेंद्र मोदी से छुटकारा नहीं मिलेगा: सुशील मोदी
विपक्षी नेताओं के यह कहने पर कि 2024 में नरेंद्र मोदी फिर लाल किले से तिरंगा नहीं फहरा सकेंगे, सुशील मोदी ने कहा कि भाषण देने से नरेंद्र मोदी से छुटकारा नहीं मिलेगा। उन्होंने कहा कि ये लोग नरेंद्र मोदी की कब्र खोदने की बात करते हैं, उन्हें मौत का सौदागर कहते हैं लेकिन कोई फायदा नहीं होगा। उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार का कार्यक्षेत्र बिहार है लेकिन वहां महागठबंधन में एक साल में कोई नेता या दल नहीं जुड़ा लेकिन आरसीपी सिंह, जीतनराम मांझी और उपेंद्र कुशवाहा जैसे तीन नेता उनका साथ छोड़कर बीजेपी के साथ आ गए।