बिहार : महंगाई से कोई भी वर्ग अछूता नहीं है। खाद्य तेल से लेकर सब्जी, दाल, चीनी, आटा, चावल व घरेलू उपयोग के प्रत्येक सामान की कीमत लगातार बढ़ रहीं हैं। हद तो यह कि जीरे के बाद पिछले 15 दिनों के अंदर अदरख व लहसुन की कीमत भी दोगुनी से अधिक हो गई है।

कितनी हुई अदरख व लहसुन की कीमत?
90 रुपये प्रति किलो की दर से बिकने वाले लहसुन की कीमत 210 रुपये प्रति किलोग्राम हो गई है। इसी प्रकार अदरख की कीमत प्रति किलो 300 रुपये तक पहुंच गई है। जीरे की कीमत 600 रुपये प्रति किलोग्राम पर बरकरार है। इसी प्रकार अरहर दाल की भी कीमत दस दिनों में 10 रुपये प्रति किलोग्राम तक बढ़ी है। लगातार बढ़ती कीमतों के बीच मध्यम व निचले तबके के लोगों का बजट गड़बड़ हो गया है। जीरा सहित तमाम मसालों सहित अन्य खाद्य सामग्री की लगातार बढ़ती कीमतों को परखती
नहीं दिख रहा कीमत पर नियंत्रण
अप्रैल 2023 में आटे की कीमत प्रति किलो 26 रुपये थी, जो आज बढ़कर 28 से 30 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गई है। विभिन्न कंपनियों के आटे की कीमत तो 40 से 42 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गई है। यही स्थिति मसलों की कीमत के साथ भी है। हर तरह के मसाले की कीमत पिछले दो माह में बढ़ी है। चावल की कीमत में भी प्रति किलोग्राम इजाफा दर्ज किया गया है। बढ़ती कीमतों पर सरकार का नियंत्रण नहीं दिख रहा है।
जीरा, धनिया, हल्दी की कीमतों में भी उछाल
जीरे, धनिया, हल्दी, मेथी, मरीचा आदि की कीमत में काफी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। करीब दो माह से जीरे की कीमत 600 रुपये प्रति किलो पर बनी हुई है। इसी प्रकार हल्दी की कीमत में 25 रुपये, धनिया की कीमत में 20 रुपये तथा मरीचा की कीमत में 15 रुपये प्रति किलो का उछाल आया है।
