बिहार : इस बार हरितालिका तीज पर विशेष संयोग बनने जा रहा है. इसका फल प्राप्ति लाभदायक होगा. बता दें कि, इस बार तीन पर्व एक ही दिन पड़ रहे हैं. विश्वकर्मा पूजा, चोरचन व हरितालिका तीज. इसको लेकर बिहार के भागलपुर के पंडित गुलशन कुमार झा से बात की गई तो उन्होंने बताया कि हमलोग जान रहे हैं कि हर वर्ष विश्वकर्मा पूजा 17 सितंबर को मनाया जाता है, लेकिन इस बार 18 सितंबर को विश्वकर्मा पूजा पड़ रहा है. इसके साथ ही, हरितालिका तीज व चोरचन भी उसी दिन पड़ रहा है.
उन्होंने बताया कि पहले यह तृतीया को होता था, लेकिन इस बार हरितालिका तीन चतुर्थी को रोहणी नक्षत्र में पड़ रहा है जो सुहागिनों के लिए काफी लाभदायक है. साथ ही, व्रतियों के मन में एक चीज जरूर सामने आ रहा होगा कि तीज व्रत निर्जला रखते हैं. वहीं, जब चोरचन खत्म होता है तो डलिया से कुछ खाने के बाद ही प्रसाद का वितरण करते हैं. ऐसे में जो व्रती दोनों पर्व करते हैं उनके लिए पंडित गुलशन ने बताया कि इस बार रात में चंद्रमा को अर्ध्य देने के बाद प्रसाद का वितरण नहीं करेंगे. सुबह पहले तीज का पारण करेंगे. उसके बाद चोरचन के प्रसाद को ग्रहण कर सभी को प्रसाद का वितरण करेंगे. इसलिए कोई भी संशय नहीं रहे.
बिहार का विशेष पर्व माना जाता है चोरचन
बिहार में चोरचन लगभग सभी घरों में किया जाता है. डलिया में फल व खास कर दही में अर्ध्य देकर इस पर्व को मनाया जाता है. जानकर बताते हैं कि कभी चंद्रमा को ग्रहण लगा था तो उसे दही के माध्यम से खत्म किया गया था. इसलिए इस पर्व में इसका विशेष महत्व माना जाता है.


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