इंजीनियरिंग के 40 छात्रों को परीक्षा देने से रोका; क्लास बंक करने की यह सजा बाकी के लिए सबक

दरभंगा : दरभंगा कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग के प्राचार्य ने द्वितीय सेमेस्टर के 40 छात्र-छात्राओं को परीक्षा में शामिल होने से रोक दिया गया है। क्लास में 75 प्रतिशत से कम उपस्थिति के कारण इन छात्रों पर कॉलेज प्रशासन को ओर से कार्रवाई की गई है। द्वितीय सेमेस्टर की परीक्षा शुक्रवार यानी आज से शुरू हो रही है। इन छात्रों को परीक्षा फॉर्म भरने से रोक दिया गया, जिस कारण ये परीक्षा में शामिल नहीं हो सकेंगे।

बायोमेट्रिक अटेंडेंस के आधार पर छात्रों को चिन्हित किया
इस मामले में दरभंगा इंजियरिंग कॉलेज के प्राचार्य डॉ. संदीप तिवारी ने बताया कि छात्रों को मेडिकल ग्राउंड पर 10 प्रतिशत की छूट दी गई है जो केवल छात्रों के लिए मान्य था लेकिन परिवार के किसी अन्य सदस्य की बिमारी के लिए नहीं लागू था।  विभागीय स्तर से 75 प्रतिशत से कम उपस्थिति वाले छात्रों को परीक्षा में शामिल नहीं करने का निर्देश है। इसी आलोक में बायोमेट्रिक अटेंडेंस के आधार पर विभिन्न विधाओं के कुल 40 छात्र-छात्राओं को चिन्हित कर कार्रवाई की गई है। इन छात्र-छात्राओं की उपस्थिति 50 प्रतिशत से भी कम रही है।

छात्र-छात्राओं की कक्षा में 75 प्रतिशत उपस्थिति अनिवार्य है
प्राचार्य डॉ. संदीप तिवारी ने कहा कि यह पाया गया है कि बायोमेट्रिक उपस्थिति की तुलना में कक्षा में उपस्थिति कम है।अगली बार इसकी तुलना की जाएगी और कक्षा में उपस्थिति व बायोमेट्रिक उपस्थिति दोनों को समान रुप में लिया जाएगा। दरभंगा इंजीनियरिंग कॉलेज के जिन छात्र-छात्राओं को परीक्षा में शामिल होने से रोका गया है, उनमें कंप्यूटर साइंस इंजीनियरिंग के 10 छात्र-छात्राएं, मेकेनिकल इंजीनियरिंग के 14 छात्र-छात्राएं, इलेक्ट्रिकल एंड इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग के छह छात्र-छात्राएं, सिविल इंजीनियरिंग के सात छात्र-छात्राएं तथा फायर टेक्नोलॉजी एंड सेफ्टी के तीन छात्र शामिल हैं। प्राचार्य डॉ संदीप तिवारी ने कहा कि छात्र-छात्राओं की कक्षा में 75 प्रतिशत उपस्थिति अनिवार्य है। छात्रों से अपील है कि वे नियमित कक्षा मे आएं और अपनी उपस्थिति दर्ज करें। इस कार्रवाई से अन्य सेमेस्टर के छात्रों को भी सबक लेना चाहिए।

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