पटना. बिहार की सियासत में इन दिनों जेडीयू खेमे के बीच आंतरिक मतभेद की खबरें सामने आ रही है. बीते कुछ दिनों से जेडीयू नेता और बिहार सरकार में मंत्री अशोक चौधरी और बरबीघा से जेडीयू विधायक सुदर्शन कुमार के बीच इशारों ही इशारों में एक दूसरे पर हमले का दौर जारी है. वहीं शनिवार को दोनों जेडीयू नेताओं ने खुलकर एक दूसरे के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. दरअसल सुदर्शन कुमार ने पहले पटना में प्रेस कांफ्रेस कर अशोक चौधरी पर आरोप लगाते हुए कहा कि वह मेरे विधान सभा में आकर मुझ पर आरोप लगाते हैं. इसमें कोई सच्चाई नहीं है. अशोक चौधरी कहते हैं कि उन्होंने मुझे राजनीति में आगे बढ़ाया है. मेरे नस-नस में राजनीति है वो क्या आगे बढ़ाएंगे?

सुरदर्शन ने कहा कि शेखपुरा में हुए कार्यक्रम में मुझको नहीं बुलाया जाता है. निरीक्षण भवन बनाकर पैसे की बर्बादी सरकार कर रही है. बरबिघा मेरे दादाजी की कर्मभूमि है. अशोक चौधरी मेरे दादा जी के हत्या में साजिशकर्ता थे सभी जानते हैं. सीएम नीतीश कुमार के कार्यक्रम में अशोक चौधरी के कारण हूटिंग हुई.

बरबिघा में जाकर राजनीति कर रहे हैं. मुझको अपमानित कर रहे हैं. राजनीति मेरे खून में है. मेरे दादाजी बिहार के बड़े नेता रहे हैं. अशोक चौधरी अपने दामाद को सेट करने में लगे हुए हैं. अशोक चौधरी पार्टी को बर्बाद करने में लगे हुए हैं. सीएम नीतीश कुमार को भी इसकी जानकारी दी जाएगी. अशोक चौधरी पार्टी और नेता का विरोध कर रहे हैं
सुदर्शन ने इशारो ही इशारों में अशोक चौधरी पर बड़ा आरोप लगाते हुए कहा कि राजों बाबू के साथ क्या हुआ था मेरे साथ भी वैसा हो सकता है. कहते हैं जब तक बांस घाट नहीं जाऊंगा तब तक बरबीघा नहीं छोड़ूँगा. पता नहीं वो कैसे बांस घाट भेज दे. अपने दामाद को बीजेपी से चुनाव लड़ाना चाहते हैं. इसी वजह से बारबिघा में इतना इंटरेस्ट दिखा रहे हैं. मेरे से क्या नाराजगी है वही बता सकते हैं. मंच से मेरे बारे में विधायक बनाने का दावा करते हैं, लेकिन जनता विधायक बनाती है.
वहीं सुदर्शन के आरोपों का जवाब देते हुए मंत्री अशोक चौधरी ने कहा कि सुदर्शन मुझ पर जो भी आरोप लगा रहे हैं वो गलत है. जिसे मैं राजनीति में आगे लाया उसके साथ ऐसा क्यों करूंगा. सुदर्शन को कुछ लोगो ने भरमा कर रखा है. इसीलिए वो ऐसा कह रहे हैं. मेरे दामाद को लेकर जो चर्चा की जा रही है कि उन्हें चुनाव लड़ाना चाहते हैं, यह गलत जानकारी है. वो किशोर कुणाल जी के बेटे हैं. यह उन्हें तय करना है कि वो अपने बेटे को चुनाव लड़ाएंगे या नहीं. अपने बेटे को चुनाव लड़ाने और जिताने में वो मुझसे काफी सक्षम हैं इस तरह का आरोप गलत है.