बिहार : जदयू के गोपालपुर से विधायक गोपाल मंडल शुक्रवार को पत्रकारों से उलझ गए थे। और अमर्यादित टिप्पणी की थी। जिसके बाद विवाद खड़ा हो गया। अब गोपाल मंडल ने वीडियो जारी कर इस मामले में सफाई दी है। उन्होने कहा अगर मेरी बात से किसी पत्रकार को कष्ट पहुंचा है तो उसके लिए क्षमा प्रार्थी हूं। हम किसी को कुछ नहीं बोले हैं, लेकिन अगर ऐसा किसी को लगा है तो इसके लिए क्षमा मांगता हूं। गोपाल मंडल ने कहा कि हम अपने आदमी को डांटे हैं। हम तो किसी को कुछ बोले ही नहीं है। हम चार बार चुनाव जीते हैं कोई दबंगई करके नहीं जीते हैं।

गोपाल मंडल ने कहा कि जब हम मुख्यमंत्री से मिलने के लिए गए थे। तो पत्रकारों ने पूछा ने आप भागलपुर अस्पताल में रिवॉल्वर लहरा रहे थे। तो हम बोले कि ऐसी कोई बात नहीं है। और पूरी कहानी सुना दिए। तो वो माइक से हमको चोट लगा दिए। हमने कहा कि अस्पताल में पोती के इलाज के लिए गए थे, रिवॉल्वर पैंट से स्लिप कर गया तो उसको हाथ में ले लिए थे। किसी को देना भी नहीं था। इस दौरान पत्रकारों ने पूछा कि रिवॉल्वर लहराए थे। इस दौरान माइक से चोट भी लगी। हमारे बॉडीगार्ड और आदमी हटाने का काम करने लगे। तो इस पर हमने उनको कहा कि ऐसा क्यों करते हो। पत्रकारों से बात करने दो। मैंने किसी को गाली नहीं दी। कोई अपशब्द नहीं बोले। न कोई मेरी मंशी थी। हम को अपने आदमी को डांटे थे।
आपको बता दें इससे पहले गोपालपुर विधायक नरेंद्र कुमार नीरज उर्फ गोपाल मंडल शुक्रवार को पार्टी कार्यालय में पत्रकारों से उलझ गये। उन्होंने अमर्यादित टिप्पणी की। दरअसल मंडल से पत्रकारों ने कई सवाल पूछ डाले, इस दौरान वह अचनाक उग्र हो गए और अमर्यादित भाषा का उपयोग करने लगे। गोपालपुर विधायक दोपहर में पार्टी कार्यालय पहुंचे थे। एक दिन पहले भागलपुर में उनके द्वारा पिस्टल लहराये जाने से संबंधित सवाल पत्रकारों ने उनसे किया था। इसपर जवाब देने के बजाय वह पत्रकारों पर ही बरस पड़े। हालांकि विधायक की इस हरकत को पार्टी ने काफी गंभीरता से लिया है। पार्टी के वरिष्ठ नेतागण इस घटना का वीडियो फुटेज भी मंगवाये हैं। माना जा रहा है कि वीडियो की समीक्षा के बाद इस घटना को लेकर विधायक पर पार्टी की और से कार्रवाई भी हो सकती है।

लाइसेंसी हथियार हाथ में लेकर अस्पताल पहुंचने वाले गोपालपुर विधायक गोपाल मंडल प्रकरण में एसएसपी आनंद कुमार ने डीएम को जांच रिपोर्ट सौंप दी है। वहीं विधान परिषद में नेता प्रतिपक्ष हरि सहनी ने कहा है कि विधायक के इस आचरण से बिहार शर्मसार हुआ है। जदयू को चाहिए कि वह ऐसे विधायक को बर्खास्त करे। मंत्री अशोक चौधरी ने कहा कि इस तरह का कार्य गलत है।