बिहार: बिहार में दुर्गा पूजा को लेकर पुलिस विभाग सख्ती बरतने के लिए तैयार है. पुलिस मुख्यालय की ओर से सभी जिलों को अलर्ट जारी करने के साथ 24 घंटे चौकसी बरतने को कहा गया है. इसके अलावा जिलों में अतिरिक्त फोर्स की तैनाती भी की जा रही है. बता दें कि राजधानी पटना में भी असामाजिक तत्वों से कड़ाई से निपटने के निर्देश जारी किए गए हैं. पुलिस द्वारा विशाल और भीड़ भार वाले पूजा-पंडालों के आसपास विधि-व्यवस्था के लिए पूजा समिति के सदस्यों की भी मदद ली जाएगी. पूजा समितियों से पंडालों में सीसीटीवी कैमरा लगाने और ध्वनी प्रदूषण ना फैलाने का निर्देश दिया गया है. ऐसा नहीं करने पर कार्रवाई की जा सकती है.

पुलिस मुख्यालय स्तर से दुर्गापूजा को लेकर राज्य के सभी जिलों को अलर्ट करते हुए विशेष चौकसी बरतने के निर्देश दिए हैं. इसमें खासकर जिले के संवेदनशील इलाकों को चिह्नित कर वहां अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती करने को कहा गया है. वहीं, उत्तर प्रदेश, झारखंड, नेपाल और बंगाल से बॉर्डर साझा करने वाले जिलों में विशेष रूप से चेकिंग बढ़ाने के निर्देश हैं. बता दें कि संवेदनशील इलाकों में 24 घंटे चौकसी बरतने का आदेश दिया गया है. इस कारण सूबे के विभिन्न रेंज आइजी और डीआइजी के साथ सभी जिलों के एसएसपी को निर्देश जारी किया गया है. पुलिस मुख्यालय की ओर से जिलों को अतिरिक्त पुलिस बल भी मुहैया करा दिया गया है.
सबसे ज्यादा पटना में की गई है तैनाती
विधि व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस मुख्यालय स्तर से 12,500 सिपाही और बिहार विशेष सशस्त्र पुलिस की कुल 33 कंपनियों की प्रतिनियुक्ति की गई है. एक पुलिस अधिकारी की माने तो यह सभी प्रतिनियुक्त पुलिस कर्मी दशहरा के बाद मूर्ति विसर्जन होने तक जिलों में प्रतिनियुक्त रहेंगे. इसके अलावा करीब एक दर्जन केंद्रीय कंपनी की भी प्रतिनियुक्ति विभिन्न स्थानों पर की जा रही है. इसमें सबसे अधिक पुलिस बल पटना जिले को मुहैया कराया गया है. वहीं, जिला पुलिस को संदिग्ध छवि वाले लोगों की पहचान कर बॉन्ड भरवाने के लिए कहा गया है. बताते चलें कि अभी तक 2.5 लाख से अधिक लोगों को बॉन्ड भरवाये जा चुके है.

ना दें अफवाहों पर ध्यान
पर्व-त्योहार के दौरान कई बार शरारती तत्वों के द्वारा अफवाह फैलाकर तनाव उत्पन्न करने की कोशिश की जाती है. इसको लेकर पुलिस मुख्यालय ने लोगों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें. किसी भी सूचना के लिए बिहार पुलिस के साथ जिला पुलिस के फेसबुक, एक्स और यू-ट्यूब पर घटना से जुड़ी जानकारी मिल जाएगी. इसके साथ ही पुलिस पदाधिकारियों को शरारती तत्वों पर भी नजर रखने को कहा गया है.