केके पाठक के आदेशों की हो रही फ’जीहत, बीपीएससी शिक्षक भर्ती में लग रही शिक्षकों की ड्यूटी

बिहार : बिहार लोक सेवा आयोग से अनुशंसित शिक्षकों की बहाली के लिए चल रही काउंसलिंग में बड़े पैमाने पर विभागीय निर्देश की अवहेलना की जा रही है। हायाघाट के शिक्षक को किरतपुर और किरतपुर के शिक्षक को जाले प्रखंड संसाधन केंद्र में उन्मुखीकरण के लिए भेजा जा रहा है। जब शिक्षक अपने आवास के निकट के केंद्र की मांग कर रहे हैं तो फिर ले देकर उन्हें मनचाहा उन्मुखीकरण केंद्र आवंटन कर दिया जा रहा है। इस काम में जिला शिक्षा पदाधिकारी ने कुछ बिचौलिया किस्म के शिक्षक और अवैध कर्मचारियों को भी लगा रखा है। हद तो यह है कि उन्मुखीकरण के लिए आवंटित केंद्रों की सूची में जिस केंद्र का नाम नहीं है उसका भी आवंटन हो रहा है। मंगलवार को ऐसे कई अभ्यर्थी सदर प्रखंड संसाधन केंद्र आवंटन की चिट्ठी लेकर एमएल एकेडमी में रात तक चक्कर काट रहे थे। कई का तो केंद्र बड़ी खुशामद के बाद बदल दिया गया, लेकिन कई देर रात तक परेशान थे।

‘सूची में सदर प्रखंड संसाधान केंद्र का नाम नहीं’

सीतामढ़ी के एक अभ्यर्थी ने बताया कि वह अपने लिए जाले या सिंहवाड़ा प्रखंड संसाधन केंद्र को उन्मुखीकरण के लिए मांग रहे थे। दोनों प्रखंड संसाधन केंद्र उन्मुखीकरण केंद्र की सूची में भी शामिल थे, लेकिन उन्हें सदर प्रखंड संसाधन केंद्र आवंटित कर दिया गया जो चारों ओर से अभी पानी से घिरा हुआ है। सूची में भी सदर प्रखंड संसाधन केंद्र का नाम नहीं है। इसके बावजूद उनके पत्र में सदर प्रखंड संसाधन केंद्र आवंटित कर दिया गया।

‘…साहब को भी कुछ ना कुछ देना होगा’

बहादुरपुर प्रखंड के एक अभ्यर्थी ने कहा कि हम लोग बहादुरपुर या निकट के दूसरे प्रखंड को उन्मुखीकरण केंद्र के रूप में मांग रहे थे। मगर हमें कुशेश्वरस्थान पूर्वी प्रखंड संसाधन केंद्र आवंटित किया गया। जब विरोध जताया गया तो कहा गया कि देर शाम में मिलिएगा। जब शाम में गए तो कुछ शिक्षक कार्यालय में उपस्थित थे। उन्होंने कहा कि अब दूसरी चिट्ठी बदलवाने के लिए साहब को भी कुछ ना कुछ देना होगा। बड़ी कठिनाई से दूसरी चिट्ठी उपलब्ध कराई गई।

काउंसलिंग में लग रही शिक्षकों ड्यूटी, केके पाठक के आदेशों की उड़ी धज्जियां

अपर मुख्य सचिव केके पाठक ने शिक्षकों से गैर शैक्षणिक कार्य लेने पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा रखा है। इसीलिए उन्होंने बिहार लोक सेवा आयोग से अनुशंसित सूची में पूर्व से कार्यरत शिक्षकों को भी डायट और बाइट से हटाकर मूल विद्यालय में योगदान करने का निर्देश दिया है जिससे बच्चों का पठन-पाठन बाधित नहीं हो। मगर जिला शिक्षा पदाधिकारी को बच्चों की बाधित होने वाली पढ़ाई और केके पाठक के आदेश का भी भय नहीं है। उन्होंने बहेड़ा के जयानंद उच्च विद्यालय के शिक्षक संजीव कुमार, उत्क्रमित उच्च विद्यालय दिलावरपुर बहादुरपुर के शिक्षक आनंद कुमार और कुंदन कुमार को काउंसिलिंग कार्य में हेल्प डेस्क पर प्रतिनियुक्ति कर दिया है।

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