खुशखबरी: गरीब एवं बेघरों को 2.50 लाख करोड़ रुपये देगी नीतीश सरकार

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व वाली महागठबंधन सरकार ने बिहार के गरीब एवं बेघर परिवारों के लिए विभिन्न योजनाओं के क्रियान्वयन को मंजूरी दी है। जाति गणना के अंतर्गत सामाजिक एवं आर्थिक आंकड़ों के आधार पर राज्य में गरीब एवं बेघर परिवारों की पहचान की गई है। नीतीश सरकार इन परिवारों को आर्थिक रूप से मदद करेगी। सीएम नीतीश कुमार ने बताया कि अगले पांच सालों में लगभग 2.50 लाख करोड़ रुपये इन योजनाओं के तहत खर्च किए जाएंगे। यह राशि किस्तों में अलग-अलग योजनाओं के जरिए लाभार्थियों तक पहुंचाई जाएगी। 

सीएम नीतीश कुमार ने बुधवार को राज्य कैबिनेट की बैठक के बाद जारी बयान में इसकी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि देश में पहली बार बिहार में जाति आधारित गणना का काम कराया गया है। जाति आधारित गणना के सामाजिक, आर्थिक एवं शैक्षणिक स्थिति के आंकड़ों के आधार पर एससी, एसटी, ईबीसी, ओबीसी का आरक्षण बढ़ाकर 65 फीसदी कर दिया गया है। ईडब्लूएस कैटगरी का 10 फीसदी आरक्षण पहले की तरह लागू रहेगा। इस तरह राज्य में कुल आरक्षण 75 फीसदी हो गया है।

 

सीएम नीतीश ने कहा कि जाति आधारित गणना के मुताबिक सभी वर्गों को मिलाकर बिहार में लगभग 94 लाख गरीब परिवार पाए गए हैं। राज्य सरकार इन सभी परिवार के एक सदस्य को रोजगार से जोड़ने हेतु 2 लाख रुपये देगी। यह राशि किस्तों में उपलब्ध कराई जाएगी।

 

जातिगत सर्वे में पाया गया कि 63,850 परिवार के पास घर और जमीन नहीं है। ऐसे लोगों को जमीन खरीदने के लिए नीतीश सरकार 1 लाख रुपये की राशि देगी, पहले यह सीमा 60 हजार रुपये ही थी। साथ ही इन परिवारों को मकान बनाने के लिए अलग से 1 लाख 20 हजार रुपये दिए जाएंगे।

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार में करीब 39 लाख परिवार झोपड़ियों में रहकर अपना गुजर बसर कर रहे हैं। सरकार द्वारा उन्हें पक्का मकान मुहैया कराया जाएगा। इसके लिए हर परिवार को 1.20 लाख रुपये की दर से राशि उपलब्ध कराई जाएगी, ताकि घर बनाने में उन्हें मदद मिल सके।

 

साथ ही सतत जीविकोपार्जन योजना के तहत अत्यंत निर्धन परिवारों की सहायता के लिए अब 1 लाख रुपये के बजाय 2 लाख रुपये दिए जाएंगे। सीएम नीतीश ने कहा कि इन योजनाओं के क्रियान्वयन में लगभग 2 लाख 50 हजार करोड़ रुपये की राशि खर्च होगी।

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