बिहार : राज्य के सरकारी मेडिकल कालेज अस्पतालों के बाद अब सरकार ने जिला और शहरी अस्पतालों में स्नातकोत्तर डिग्री और डिप्लोमा का पाठ्यक्रम शुरू करने की योजना बनाई है। विभिन्न जिला और शहरी अस्पतालों से मिले आवेदन के बाद स्वास्थ्य विभाग ने इस दिशा में कार्य प्रारंभ किया है। उम्मीद है कि आने वाले शैक्षणिक सत्र से जिला व शहरी अस्पतालों में डिग्री और डिप्लोमा के पाठ्यक्रमों की पढ़ाई होने लगेगी।स्वास्थ्य विभाग ने अब तक 29 जिला एवं शहरी अस्पतालों की ओर से स्नातकोत्तर डिग्री और डिप्लोमा का पाठ्यक्रम शुरू करने के आवेदन मिले हैं।
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इन अस्पतालों में उनकी क्षमता के अनुसार सीटें आवंटित कर चुनिंदा विषयों में पढ़ाई होगी। अब तक 132 सीटों के लिए अस्पताल और पाठ्यक्रम का चयन किया गया है। स्वास्थ्य विभाग की जानकारी के अनुसार विभाग प्रस्ताव तैयार होने के बाद इसे अनुमति के लिए नेशनल मेडिकल कमीशन को भेजेगा। मेडिकल कमीशन की अनुमति मिलने के बाद जिला और शहरी अस्पतालों में चुनिंदा पाठ्यक्रमों की पढ़ाई कुछ सीटों पर हो सकेगी। राज्य सरकार का प्रस्ताव मिलने के बाद एमसीआइ की टीम संबंधित संस्थानों का निरीक्षण करेगी। यहां आधारभूत संरचना से लेकर शैक्षणिक व्यवस्था तक का आकलन होगा। इसके बाद अनुमति पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा।

आवेदन करने वाले अस्पताल
जिला अस्पताल औरंगाबाद, खगड़िया, सहरसा, गोपालगंज, सारण, वैशाली, सीतामढ़ी, बेगूसराय, शिवहर, मधुबनी, बांका, जमुई, समस्तीपुर, नालंदा, बक्सर, मधेपुरा, किशनगंज, लखीसराय, मुजफ्फरपुर, रोहतास, अररिया, मुंगेर, भोजपुर, अरवल, सुपौल, जिला अस्पताल भागलपुर, एलएनजेपी, पटना, बिम्स पावापुरी, गुरुगोविंद सिंह जिला अस्पताल,पटना।
चयनित पाठ्यक्रम
ऑर्थोपेडिक, आब्सट्रेक्ट्रिक, गायनेकोलॉजी, मनोरोग, पीडियाट्रिक, आब्स एंड गाइनी, आप्थैलमोलाजी, जनरल मेडिसिन, एनेस्थेसिया।