पटना : बिहार में बेमौसम बारिश ने प्याज की फसल बर्बाद कर दी, तो वहीं उत्पादन में भी कमी होने के कारण प्याज का दामऔर बढ़ सकते हैं. ये कहना है प्याज के थोक विक्रेता ओम प्रकाश जयसवाल का. पिछले एक महीने से बाजार में प्याज₹50 से ₹60 प्रति किलो बिक रहा है. ऐसे में बारिश ने और चिंता बढ़ा दी है. इसको लेकर लोग काफी परेशान हैं. लोगों के सब्जी में प्याज की मात्रा कम पड़ रही है और लोगों के जेब पर असर पड़ रहा है.
देश से बाहर नहीं होगा प्याज का निर्यात
प्याज की बढ़ती कीमत को सरकार ने गंभीरता से लिया है. साथ ही तत्काल प्रभाव से बड़ा फैसला लिया है. सरकार ने कहा है कि अगले साल 2024 मार्च तक प्याज के निर्यात पर रोक रहेगी. प्याज का निर्यात देश के बाहर नहीं होगा. इससे घरेलू बाजारों में प्याज की कीमत में उछाल बंद हो जाएगा. इसको लेकर ईटीवी भारत की टीम ने पटना के अंटा घाट सब्जी मंडी पहुंचकर लोगों से और दुकानदारों से जानने की कोशिश की, क्या प्याज के दाम बारिश के बाद और बढ़ सकते हैं. सरकार के इस फैसले को कैसे देखते है.
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प्याज की जरूरत हर घर में
मंडी में सब्जी खरीदने आई एक गृहिणी ने कहा कि प्याज के बढ़ते दाम से कोई असर पड़ने वाला नहीं है, क्योंकि खाना तो छोड़ नहीं सकते हैं. खाना में जब तक प्याज डालेंगे नहीं तो खाने का टेस्ट नहीं आएगा. इसलिए एक बार खरीदते हैं. खुदरा खरीदने में ज्यादा महंगा पड़ता है. सस्ता हो जाए अच्छी बात है. लोगों की जेब पर असर नहीं पड़ेगा. उन्होंने कहा कि बे मौसम बारिश हुई है तो निश्चित तौर पर प्याज के दाम और बढ़ेंगे.
बेमौसम बारिश से बर्बाद हुई है प्याज की फसल
पिछले 1 महीने से 50, 55, 60 और 70 रुपये किलो तक बिका है. फिलहाल ₹50 किलो बिक रहा है. थोक में 42 से 4300 रुपये क्विंटल बिक रहा है. उन्होंने कहा कि बे मौसम बरसात हुई है, तो प्याज की फसल बर्बाद हुई है, जो पुराना प्याज है उसका शॉर्टेज हो रहा है, तो निश्चित तौर पर प्याज का दाम महंगा हो सकता है.