प्री-पीएचडी में नामांकन के लिए एक ही परीक्षा लेने की हो रही तैयारी

राज्य के सभी विश्वविद्यालयों में प्री-पीएचडी में नामांकन के लिए एक ही परीक्षा लेने की तैयारी हो रही है। इससे संबंधित प्रस्ताव शिक्षा विभाग ने तैयार कर लिया है। समीक्षा के बाद प्रस्ताव राजभवन को भेजा जाएगा। इस व्यवस्था के लागू होने से छात्रों को अलग-अलग विश्वविद्यालय में प्री-पीएचडी के लिए टेस्ट नहीं देना पड़ेगा।विषय विशेष में सीट की उपलब्धता एवं आरक्षण के रोस्टर के हिसाब से एक ही परीक्षा के माध्यम से उनका नामांकन हो सकेगा। इससे छात्र परेशानी से तो बचेंगे ही, उन्हें आर्थिक नुकसान भी नहीं उठाना पड़ेगा।

नेट की तर्ज पर बेट कराने का भी प्रस्ताव

राज्य में नेट (नेशनल एलिजिबिलिटी टेस्ट) के साथ-साथ बेट (बिहार एलिजिबिलिटी टेस्ट) से भी सहायक प्रोफेसर की नियुक्ति होगी। इसके लिए शिक्षा विभाग ने सहायक प्रोफेसर की अर्हता के लिए यूजीसी-नेट की तर्ज पर बेट शुरू करने का फैसला लिया है। इस पर सितंबर 2023 में ही शिक्षा मंत्री प्रो. चन्द्रशेखर की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में सहमति बन गई थी।

शिक्षा विभाग ने सहायक प्रोफेसर की नियुक्ति के लिए बेट का प्रस्ताव मंत्रिमंडल में स्वीकृति के लिए भेजा जाएगा। विभाग ने बेट कराने के लिए विषयवार सिलेबस तैयार करने का भी निर्देश दिया है। इसके अलावा, बिहार राज्य उत्तर शिक्षा परिषद का प्रतीक चिन्ह, वार्षिक प्रतिवेदन, नियमावली निर्मित करने, चार वर्षीय बीएससी, बीए, बीएड एकीकृत पाठयक्रम संरचना तैयार करने आदि पर भी सहमति दी बनी है।

मुख्यमंत्री विदेश स्कॉलरशिप योजना लागू होगी

शिक्षा विभाग ने विदेशों के नामचीन संस्थानों में राज्य के मेधावी विद्यार्थियों के अध्ययन के लिए मुख्यमंत्री विदेश स्कालरशिप योजना को लागू करने का फैसला लिया है। इस योजना के लागू होने के बाद प्रत्येक वर्ष 100 छात्र-छात्राओं को विदेश में उच्च स्तरीय अध्ययन के लिए स्कॉलरशिप दी जाएगी। इस योजना में विद्यार्थियों का चयन शिक्षा विभाग द्वारा गठित विशेषज्ञों की कमेटी करेगी।

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