जिन स्कूलों में बच्चों का नामांकन शून्य है, वहां भी सभी विषय के बीपीएससी पास शिक्षकों की पोस्टिंग होगी. साथ ही 30 सितम्बर 2024 तक जिन स्कूलों में विद्यार्थियों की संख्या नाम मात्र होगी, उन स्कूलों को बंद कर दिया जायेगा. यह बातें शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव केके पाठक ने राज्य के सभी जिलाधिकारी भेजे गए पत्र में लिखा है. केके पाठक ने स्कूलों में विद्यार्थियों की नामांकन और उपस्थिति को बढ़ाने के लिए नया प्लान बनाया है. इसके लिए सभी जिलाधिकारियों को 30 सितम्बर 2024 तक का समय दिया है.
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पोस्टिंग को लेकर क्या है प्लान
केके पाठक द्वारा बीपीएससी पास शिक्षकों की पोस्टिंग को लेकर नया प्लान बनाया है. इस प्लान के तहत सरकारी स्कूलों में यदि छात्रों की संख्या शून्य भी हो तो भी उस स्कूल में सभी विषयों के अध्यापक की ड्यूटी लगाई जायेगी. कक्षा 9 से 10 एवं विशेषकर कक्षा 11 से 12 में यदि एक भी छात्र विद्यालय आता है तो उसे पढ़ाने के लिए 5 से 7 अध्यापक अनिवार्य रूप से विद्यालय में उपस्थित होने चाहिए ताकि उसे संबंधित विषयों का मौलिक ज्ञान दिया जा सके.
जिस स्कूल में बच्चे नहीं वहां टीचर क्यों?
ऐसा इसलिए क्योंकि प्राप्त अनुभव के आधार पर शिक्षा विभाग ने यह पाया कि छात्रों ने विद्यालय में नामांकन इसलिए नहीं कराया, क्योंकि वहां कोई अध्यापक था ही नहीं. केके पाठक ने कहा कि अब हम छात्रों के विद्यालय में नामांकन कराने की प्रतीक्षा नहीं करें, क्योंकि छात्र भी इसी बात की प्रतीक्षा कर रहे हैं कि कब उनके गांव में नए खुले हुए विद्यालयों में अध्यापक आएंगे. यह पूरी व्यवस्था इस कुचक्र में फंस गई है कि शिक्षा विभाग एवं छात्र दोनों एक दूसरे की प्रतीक्षा कर रहे हैं. इसी चक्र को तोड़ने के लिए सभी जिलाधिकारी को अधिकृत किया जाता है कि ऐसे विद्यालयों में भी अध्यापक पदस्थापित करें, जहां एक भी छात्र नामांकित नहीं है.

नहीं बढ़ता है बच्चा तो बंद कर दें स्कूल
केके पाठक ने आगे बताया कि यदि 30 सितम्बर 2024 तक कोई भी छात्र कक्षा 9 से कक्षा 12 के इन नव उत्क्रमिक उच्च विद्यालयों में नामांकन नहीं लेता है तो उस उच्च विद्यालय को बन्द करने पर विभाग विचार करेगा और वहां उपलब्ध अध्यापकों को कहीं और पदस्थापित किया जाएगा.