देश की नई सरकार का गठन रविवार, 9 जून 2024 को हुआ. इस अवसर पर 72 सांसदों ने कैबिनेट मंत्री और केंद्रीय राज्य मंत्री के रूप में शपथ ली. इनमें केरल से बीजेपी के एकमात्र सांसद सुरेश गोपी भी शामिल थे. हालांकि, सुरेश गोपी के मंत्री पद छोड़ने की संभावना अब प्रबल हो गई है. शपथ ग्रहण समारोह के बाद एक मीडिया से बातचीत में सुरेश गोपी ने कहा कि उन्हें लगता है कि जल्द ही उन्हें इस पद से मुक्त कर दिया जाएगा. सुरेश गोपी ने स्पष्ट किया कि उन्होंने मंत्री पद की मांग नहीं की थी.
आपको बता दें कि सुरेश गोपी ने मंत्री पद छोड़ने की वजह बताते हुए कहा, ”मैंने कई फिल्में साइन की हैं और उन्हें पूरा करना है. मैं त्रिशूर के सांसद के तौर पर काम करूंगा.” आगे उन्होंने यह भी कहा कि वह सिर्फ एक सांसद के रूप में अपने क्षेत्र के लिए काम करना चाहते हैं और उन्हें मंत्री पद की जरूरत नहीं है. सुरेश गोपी ने अपनी प्राथमिकता को स्पष्ट करते हुए कहा कि वह किसी भी कीमत पर अपनी फिल्मों को पूरा करना चाहते हैं और त्रिशूर के लोगों के लिए काम करना चाहते हैं.
लोकसभा चुनाव 2024 में बीजेपी ने केरल में बनाया अपना दबदबा
वहीं आपको बता दें कि लोकसभा चुनाव 2024 में बीजेपी ने केरल में पहली बार अपना खाता खोला है. सुरेश गोपी ने बीजेपी के टिकट पर त्रिशूर से चुनाव लड़ा था और विजयी होकर इतिहास रचा. इस सीट पर भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (CPI) ने वी एस सुनील कुमार को मैदान में उतारा था, जिन्हें सुरेश गोपी ने 74,686 वोटों से हराया. सुरेश गोपी के इस विजय ने केरल में बीजेपी के लिए एक नई दिशा खोली है.

साथ ही बता दें कि सुरेश गोपी लोकसभा सांसद चुने जाने से पहले राज्यसभा के सदस्य भी रह चुके हैं. उन्हें 2022 तक राज्यसभा के लिए मनोनीत किया गया था. सुरेश गोपी साउथ फिल्म इंडस्ट्री का एक प्रसिद्ध चेहरा हैं और उन्होंने कई बड़ी फिल्मों में अभिनय किया है. इसके अलावा, वह कई टीवी शो भी होस्ट कर चुके हैं, जिससे उनकी लोकप्रियता और भी बढ़ गई है.

वहीं सुरेश गोपी का कहना है कि वह त्रिशूर के सांसद के रूप में जनता की सेवा करना चाहते हैं. उन्होंने यह पद नहीं मांगा था और अब जल्द ही इस पद से मुक्त होने की संभावना है. सुरेश गोपी का फिल्मी करियर भी उनकी प्राथमिकताओं में शामिल है. उन्होंने कई फिल्मों को साइन किया है और उन पर काम करना चाहते हैं. इसके अलावा त्रिशूर के लोगों के प्रति उनकी प्रतिबद्धता स्पष्ट है. सुरेश गोपी ने कहा कि उन्हें अपनी जनता से कोई दिक्कत नहीं है और वह उनके लिए काम करना चाहते हैं. सुरेश गोपी का यह निर्णय उनके समर्थकों के लिए एक सकारात्मक संदेश है कि वह अपने क्षेत्र के लोगों के लिए पूरी तरह समर्पित हैं.

बहरहाल, सुरेश गोपी की यह जीत बीजेपी के लिए केरल में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है. यह पहला मौका है जब बीजेपी ने केरल में कोई सीट जीती है. सुरेश गोपी की जीत ने पार्टी को राज्य में एक नई पहचान दिलाई है. इस जीत से यह स्पष्ट होता है कि केरल के लोग भी बीजेपी के विकास के एजेंडे में विश्वास करते हैं.








