मुजफ्फरपुर: बिहार में नक्सल नेटवर्क के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। बिहार पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (STF) और मुजफ्फरपुर जिला पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए पिछले 10 वर्षों से फरार चल रहे कुख्यात नक्सली लोहा सहनी उर्फ कुशेश्वर सहनी को गिरफ्तार कर लिया है। बोचहा थाना क्षेत्र में हुई इस कार्रवाई के बाद नक्सली संगठन के भीतर हड़कंप मच गया है।

गिरफ्तार लोहा सहनी बोचहा थाना क्षेत्र के भूसही मिश्रौलिया गांव का रहने वाला है। वह वर्ष 2014 से पुलिस की गिरफ्त से बाहर था और लगातार ठिकाने बदलकर फरारी काट रहा था। उसके खिलाफ बोचहा थाना कांड संख्या 206/14 दर्ज है, जिसमें दंगा, आगजनी, हत्या के प्रयास, रंगदारी वसूली, अवैध हथियार रखने और गैर-कानूनी गतिविधियां रोकथाम अधिनियम (UAPA) जैसी गंभीर धाराएं लगी हुई हैं।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, लोहा सहनी प्रतिबंधित नक्सली संगठन का सक्रिय सदस्य था और इलाके में ठेकेदारों, व्यवसायियों तथा स्थानीय कारोबारियों से लेवी वसूलने का काम करता था। उस पर संगठन के लिए हथियार और रसद जुटाने का भी आरोप है। 2014 में हुई हिंसक वारदात के बाद वह भूमिगत हो गया था और तभी से पुलिस उसकी तलाश में जुटी थी।

एसटीएफ को हाल ही में गुप्त सूचना मिली थी कि लोहा सहनी अपने पुराने नेटवर्क को फिर से सक्रिय करने के उद्देश्य से बोचहा इलाके में पहुंचा है। सूचना मिलते ही STF और जिला पुलिस ने संयुक्त रणनीति बनाई। इलाके की घेराबंदी कर सटीक छापेमारी की गई, जिसमें उसे गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस की त्वरित कार्रवाई के कारण उसे भागने का मौका नहीं मिला।

सूत्रों की मानें तो लोहा सहनी लंबे समय से सीमावर्ती इलाकों में छिपकर संगठन को सक्रिय रखने की कोशिश कर रहा था। पुलिस अब उससे पूछताछ कर उसके अन्य सहयोगियों, संभावित ठिकानों और सक्रिय नक्सली मॉड्यूल की जानकारी जुटा रही है। जांच एजेंसियों को उम्मीद है कि इस गिरफ्तारी से कई और बड़े खुलासे हो सकते हैं।

मुजफ्फरपुर पुलिस प्रशासन ने इस कार्रवाई को बड़ी उपलब्धि बताया है। अधिकारियों का कहना है कि लोहा सहनी की गिरफ्तारी से न सिर्फ पुराने मामलों की गुत्थी सुलझेगी, बल्कि इलाके में नक्सली गतिविधियों पर भी बड़ा असर पड़ेगा। फिलहाल उससे गहन पूछताछ जारी है और पुलिस उसके नेटवर्क से जुड़े अन्य संदिग्धों की तलाश में छापेमारी कर रही है।

